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NDMC ने दी सफाई- सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस देना जरूरी नहीं

एनडीएमसी की इस कार्रवाई का तमाम राजनीतिक दलों ने विरोध किया. सवाल उठाये गये कि तोड़फोड़ करने से पहले लोगों को नोटिस क्यों नहीं दिया गया. इसी के जवाब में सिविक बॉडी ने कहा है कि सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाने के लिए नोटिस देना जरूरी नहीं है.

By Prabhat khabar Digital
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जहांगीरपुरी में अर्द्धसैनिक बल तैनात
जहांगीरपुरी में अर्द्धसैनिक बल तैनात
PTI

नयी दिल्ली: नॉर्थ दिल्ली म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (एनडीएमसी) ने कहा है कि सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस देना जरूरी नहीं है. एनडीएमसी ने कहा कि किसी का घर तोड़ना और सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाना दोनों अलग-अलग हैं. जहांगीरपुरी में कुशाक चौक से मस्जिद तक एक भी मकान नहीं तोड़ा गया. जिन ढांचों को ढहाया गया है, वे ड्रेन पर बनीं थीं और ड्रेन सरकारी जमीन पर बनी है.

बुधवार को दिल्ली के जहांगीरपुरी में एनडीएमसी ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश से रोक दिया गया. एनडीएमसी की इस कार्रवाई का तमाम राजनीतिक दलों ने विरोध किया. सवाल उठाये गये कि तोड़फोड़ करने से पहले लोगों को नोटिस क्यों नहीं दिया गया. इसी के जवाब में सिविक बॉडी ने कहा है कि सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाने के लिए नोटिस देना जरूरी नहीं है.

हनुमान जयंती (16 अप्रैल 2022) को शोभायात्रा पर मस्जिद से पत्थर फेंके गये गये थे. सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश की गयी थी. तलवार और पिस्तौल से हमला किया गया था. फायरिंग भी की गयी, जिसमें एक पुलिसकर्मी घायल हो गया. राजनीतिक दलों का कहना है कि मुस्लिमों को टार्गेट किया जा रहा है. मुस्लिमों की आजीविका के साधन छीने जा रहे हैं. उनके मकान तोड़े जा रहे हैं. एनडीएमसी ने इससे इंकार किया है.

सुप्रीम कोर्ट में इस मसले पर गुरुवार (21 अप्रैल 2022) को सुनवाई होगी. बताया गया है कि यह पहला मौका नहीं है, जब जहांगीरपुरी इलाके में सिविक बॉडी ने अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई की है. जनवरी से 19 अप्रैल तक कम से कम चार बार ऐसा अभियान चलाया गया. इस दौरान अस्थायी निर्माण को तोड़ा गया. बुधवार को चार बुलडोजर, आठ ट्रक और चार मिनी ट्रक के साथ एमसीडी ने 2 किलोमीटर के स्ट्रेच पर निगम का बुलडोजर चला.

नॉर्थ दिल्ली म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (NDMC) के कमिश्नकर संजय गोयल ने कहा कि डीएमसी एक्ट के सेक्शन 321, 323 और 325 में बताया गया है कि सड़क या सरकारी जमीन पर अस्थायी अवैध कब्जा को हटाने के लिए किसी को नोटिस देने की जरूरत नहीं है. सिर्फ पुलिस को एडवांस नोटिस देने की जरूरत है, ताकि पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में अवैध कब्जा को हटाया जा सके.

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