Mahadev Betting App: महादेव सट्टेबाजी ऐप मामला, छत्तीसगढ़ सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की

Mahadev Betting App: छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सोमवार को बताया कि राज्य की सरकार ने महादेव सट्टेबाजी ऐप ‘घोटाले’ के संबंध में दर्ज मामलों को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया है.

Mahadev Betting App: छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा, महादेव घोटाले से संबंधित 70 मामले राज्य के विभिन्न पुलिस थानों में और एक मामला आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) में दर्ज किया गया था. हमने इन सभी मामलों को सीबीआई को सौंपने का फैसला किया है और इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की गई है. उन्होंने कहा, यह मुद्दा (महादेव सट्टेबाजी ऐप घोटाला) केवल एक राज्य के बजाय कई राज्यों का मामला बन गया है. ऐसा कहा जाता है कि (कथित घोटाले के) कुछ ‘किंगपिन’ (सरगना) विदेश में रहते हैं. अब सीबीआई इस मामले की गंभीरता से जांच करेगी.

महादेव सट्टेबाजी ऐप मामले में कोई ढील नहीं दी जाएगी

उपमुख्यमंत्री ने कहा, इस मामले में कोई ढील नहीं दी जाएगी और सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। मुझे विश्वास है कि जो लोग विदेश में हैं उन्हें वापस लाने के लिए कार्रवाई की जाएगी.

ईडी पिछले एक साल से भी अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़े धनशोधन मामलों की जांच कर रहा

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पिछले एक साल से भी अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़े धनशोधन मामलों की जांच कर रहा है, जो राज्य में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान सामने आए थे.

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी आरोपी बनाया गया

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल, ऐप के प्रमोटर रवि उप्पल, सौरभ चंद्राकर, शुभम सोनी और अनिल कुमार अग्रवाल तथा 14 अन्य को ईओडब्ल्यू की प्राथमिकी में आरोपी बनाया गया है. बघेल ने प्राथमिकी को राजनीति से प्रेरित बताया था. ईडी ने कहा है कि उसकी जांच में छत्तीसगढ़ के कई उच्च पदस्थ नेताओं और नौकरशाहों की संलिप्तता सामने आई है. सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल, जो दुबई से फ़्रेंचाइजिंग पैनल/शाखाओं के जरिए सट्टेबाजी के प्लेटफॉर्म का संचालन करते हैं, विशेष रूप से छत्तीसगढ़ से हैं.

अम्ब्रेला सिंडिकेट था महादेव सट्टा ऐप

ऐसा दावा किया गया है कि यह ऐप एक अम्ब्रेला सिंडिकेट था जो अवैध सट्टेबाजी वेबसाइटों को नए उपयोगकर्ताओं को नामांकित करने, उपयोगकर्ता आईडी बनाने और ‘बेनामी’ बैंक खातों के माध्यम से धन शोधन करने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की व्यवस्था करता था. ईडी ने अब तक इस मामले में कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया है. केंद्रीय एजेंसी ने कहा था कि अपराध की अनुमानित आय लगभग छह हजार करोड़ रुपये है.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

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UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

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