बिहार में येस बैंक की 14 शाखाएं, करीब 60 हजार ग्राहक होंगे प्रभावित

एक शाखा में करीब चार से पांच हजार ग्राहक, About four to five thousand customers in a branch

पटना : नकदी संकट से जूझ रहे निजी क्षेत्र के येस बैंक पर रिजर्व बैंक द्वारा रोक लगाते हुए निदेशक मंडल को भंग कर दिये जाने के निर्णय से बिहार की येस बैंक से जुड़े करीब 55 से 60 हजार ग्राहक प्रभावित होंगे. हालांकि, एसबीआई बोर्ड ने नकदी संकट से जूझ रहे येस बैंक में निवेश के लिए ‘सैद्धांतिक’ स्वीकृति दे दी है.

जानकारी के मुताबिक, सूबे के 14 जिलों पटना, बेगूसराय, दरभंगा, गया, कटिहार, मोतिहारी, मुंगेर, नवादा, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, पूर्णिया, वैशाली, सारण और रोहतास में येस बैंक की एक-एक शाखाएं हैं. हर शाखा में औसतन चार से पांच हजार ग्राहक बताये जा रहे हैं. मालूम हो कि रिजर्व बैंक ने येस बैंक के जमाकर्ताओं के लिए 50,000 रुपये की निकासी की सीमा तय की है. बैंक के लिए एक प्रशासक की भी नियुक्ति की गयी है. रिजर्व बैंक ने सरकार के साथ विचार विमर्श के बाद जमाकर्ताओं के हितों के संरक्षण के लिए यह कदम उठाया है. रिजर्व बैंक ने येस बैंक के निदेशक मंडल को भी भंग कर दिया है.

हालांकि, स्टेट बैंक के केंद्रीय बोर्ड ने शेयर बाजारों को सूचित किया है कि ”येस बैंक से संबंधित मामले पर बैंक के केंद्रीय बोर्ड की बैठक में चर्चा की गयी और बोर्ड ने बैंक में निवेश के अवसर तलाशने के लिए सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दे दी है.” यह घोषणा ऐसे समय में की गयी है, जब रिजर्व बैंक ने येस बैंक पर पाबंदियां लगा दी हैं.

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By Kaushal Kishor

Kaushal Kishor is a contributor at Prabhat Khabar.

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