Vijay Kumar Sinha: पटना में अवैध होर्डिंग और अवैध पार्किंग के खिलाफ नगर विकास विभाग ने कड़ा रुख अपना लिया है. उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास एवं आवास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हाईकोर्ट में लंबित मामलों को छोड़कर सभी अवैध होर्डिंग 24 घंटे के भीतर हटाए जाएं और अवैध पार्किंग तत्काल प्रभाव से बंद कराई जाए.
माफियागिरी पर चला सरकारी हंटर
पटना की खूबसूरती को बिगाड़ने वाले अवैध होर्डिंग और शहर के ट्रैफिक को जाम करने वाली अवैध पार्किंग के खिलाफ उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने दो टूक शब्दों में अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जो भी मामले हाईकोर्ट में लंबित नहीं हैं, उन सभी अवैध होर्डिंग्स को अगले 24 घंटे के भीतर उखाड़ फेंका जाए.
डिप्टी सीएम का यह कड़ा रुख साफ संकेत दे रहा है कि राजधानी में अब ‘माफियाराज’ की खैर नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध होर्डिंग और पार्किंग से सरकार को हर साल करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लगाया जा रहा है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
राजस्व की चोरी और शहरी अव्यवस्था का होगा अंत
उपमुख्यमंत्री ने विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों से तीखे सवाल पूछे। जब उन्हें बताया गया कि पिछले 15 दिनों में केवल 18 होर्डिंग हटाए गए हैं, तो उन्होंने इस ढिलाई पर नाराजगी जाहिर की. उन्होंने आदेश दिया है कि यह अभियान सिर्फ दिखावा या औपचारिकता नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे एक निर्णायक अंजाम तक पहुंचाया जाए.
विजय सिन्हा ने अधिकारियों को प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है. सरकार का मानना है कि इन अवैध गतिविधियों के पीछे जो भी प्रभावशाली समूह या व्यक्ति शामिल हैं, उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में कोई फिर से सरकारी राजस्व की चोरी न कर सके.
हाईकोर्ट के मामलों पर महाधिवक्ता से विशेष अपील
पटना में होर्डिंग माफिया के जाल का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लगभग 20 मामले हाईकोर्ट में लंबित हैं, जिसकी आड़ में अवैध काम जारी थे. उपमुख्यमंत्री ने इन कानूनी अड़चनों को दूर करने के लिए महाधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय से शीघ्र सुनवाई का अनुरोध करने का निर्देश दिया है.
सरकार चाहती है कि कानूनी प्रक्रियाओं में तेजी लाकर उन सभी विवादित स्थलों से भी अवैध कब्जा हटाया जाए. इसका मुख्य उद्देश्य शहरी व्यवस्था को दुरुस्त करना और पटना को एक स्मार्ट और व्यवस्थित शहर के रूप में विकसित करना है.
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि अब सड़कों पर अतिक्रमण और अवैध वसूली की कोई जगह नहीं होगी. नगर निगम के अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और आने वाले कुछ दिनों में पटना की सड़कों पर इस कार्रवाई का बड़ा असर दिखने वाला है.
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