PHOTOS: राजगीर महोत्सव शुरू, मंत्री विजय चौधरी ने किया उद्घाटन, कहा- सामाजिक एकता का संदेश देता है महोत्सव

गुरुवार को राजगीर के स्टेट गेस्ट हाउस मैदान में तीन दिवसीय राजगीर महोत्सव का शुभारंभ वित्त एवं वाणिज्य कर मंत्री सह नालंदा जिला प्रभारी मंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, सांसद कौशलेंद्र कुमार एवं अन्य द्वारा किया गया.

भगवान बुद्ध और तीर्थंकर महावीर की कर्मभूमि राजगीर में आयोजित तीन दिवसीय राजगीर महोत्सव का रंगारंग शुभारंभ हो गया है. वित्त एवं वाणिज्यकर मंत्री सह नालंदा जिला प्रभारी मंत्री विजय कुमार चौधरी द्वारा गुरुवार को दीप प्रज्ज्वलित कर राजगीर महोत्सव का उद्घाटन किया गया है. महोत्सव का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को करना था. लेकिन स्वास्थ्य अनुकूल नहीं रहने के कारण वे उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके.

इस अवसर पर मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि राजगीर सर्व धर्म समभाव की आदि भूमि है. यहां सभी धर्म का सार परोपकार है. सर्वधर्म की भावना राजगीर में जागृत होती है. यहां से निकलने वाला संदेश देश-दुनिया को प्रभावित करती है. उन्हीं चीजों को जीवन में उतारने के लिए राजगीर महोत्सव का आयोजन किया जाता है.

विजय चौधरी ने कहा कि महागठबंधन की सरकार द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राजगीर का समुचित विकास किया गया है. ज्यों-ज्यों राजगीर का विकास हो रहा है, त्यों-त्यों राजगीर महोत्सव का महत्व बढ़ रहा है.

विजय चौधरी ने कहा कि राजगीर से निकलने वाला संदेश सरकार ही नहीं पूरे देश-दुनिया को आलोकित करता है. सर्व धर्म की भावना को जागृत कर आत्मसात करने पर उन्होंने जोर दिया. जिस तरह बिहार बदल रहा है, उसी तरह राजगीर का विकास हो रहा है. शांति से ही विकास संभव है.

ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि जगह की विशिष्टता को याद करने के लिए महोत्सव का आयोजन किया जाता है. राजगीर की धरती में खास विशिष्टता है, जिसके कारण सभी धर्मों के प्रवर्तक का जुड़ाव इससे है. इसके आकर्षण के कारण ही सभी धर्मों के प्रवर्तक यहां खींचने चले आये हैं. राजगीर का महत्व और महिमा काफी पुरानी है. महोत्सव सामाजिक एकता का प्रतीक है.

इस मौके पर जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि पर्यटन, संस्कृति, परंपरा को समृद्ध करने और वैश्विक पहचान दिलाने के लिए राजगीर महोत्सव का आयोजन किया जाता है. पर्यटक दर्शक दीर्घा में बैठे विदेशी मेहमानों ने महोत्सव की गरिमा को बढ़ाया है.

सांसद कौशलेंद्र कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने राजगीर के द्वापर काल से पुराने इतिहास को पुनर्जीवित करने का काम किया है. स्थानीय विधायक कौशल किशोर ने बताया कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या बताती है कि सरकार इस दिशा में गंभीर है. कार्यक्रम को इस्लामपुर, अस्थावां के विधायकों ने भी संबोधित किया. अतिथियों का स्वागत नालंदा के जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर और धन्यवाद ज्ञापन पर्यटन उप निदेशक प्रदीप कुमार गुप्ता ने किया.

महोत्सव में आयोजित पुस्तक मेला भी सज धज कर तैयार हो गया है. इस मेले में कुल 28 पुस्तक स्टॉल लगाये गये हैं. इसमें गीता प्रेस, प्रभाकर पब्लिकेशन, साहित्य दर्पण, मधु पब्लिकेशन, सृजन द बेस पब्लिकेशन, जागृति प्रकाशन, डायमंड बुक्स, ब्रह्माकुमारी, विद्यावती प्रकाशन, भी और एस पब्लिकेशन, कबीर ज्ञान प्रकाशन, जागृति पब्लिकेशन, राजकमल प्रकाशन, मनोज पब्लिकेशन, रेनबो पब्लिकेशन, एवं अन्य प्रकाशन के द्वारा स्टाल लगाये गये हैं. पुस्तक मेले में पुस्तक प्रेमियों की भीड़ पहुंचने लगी है.

थाईलैंड से 22 सदस्यीय टीम में शामिल राॅली, सोयोचान, ओई आदि ने राजगीर महोत्सव में आकर खुशी जतायी. पर्यटकों ने कहा कि यह उनके लिए सरप्राइज है. नालंदा राजगीर आतिथ्य सत्कार से लबरेज है. यहां के लोगों में अतिथि देवो भव: का भाव और कूट कूट कर भरा है. राजगीर के प्राकृतिक, पौराणिक, आध्यात्मिक, पुरातात्विक तथा ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कर काफी अभिभूत हैं. टूरिस्ट गाइड विकास कुमार ने बताया कि यह टीम बोधगया से दो दिन के भ्रमण पर राजगीर पहुंचे हैं. राजगीर के थाई मंदिर में ठहरे हुए हैं.

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By Anand Shekhar

Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.

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