जंदाहा : बुधवार की देर रात जंदाहा के सीमेंट व्यवसायी के कर्मी की गोली मारकर हत्या की घटना के विरोध में गुरुवार को जंदाहा सुलग उठा. आक्रोशित लोगों ने जंदाहा बाजार के गांधी चौक के समीप जंदाहा-हाजीपुर एनएच 322 को पांच घंटे तक जाम कर पुलिस के विरोध में जमकर नारेबाजी की.
सड़क जाम की सूचना पर पहुंची पुलिस को आक्रोशित लोगों ने मौके से खदेड़ दिया. लगभग पांच घंटे बाद जंदाहा सीओ व पुलिस ने स्थानीय बुद्धिजीवियों व जनप्रतिनिधियों के सहयोग से आक्रोशित लोगों को समझा कर शांत कराया.
मालूम हो कि बुधवार की रात जंदाहा बाजार के पटोरी रोड स्थित कन्हैया ट्रेडर्स सीमेंट दुकान के प्रोपराइटर प्रमोद जायसवाल अपने स्टाफ महुआ थाने के भरतपुर सिंघाड़ा निवासी मुकेश शुक्ला के साथ बाइक से सर्वोदय मैदान स्थित अपने डेरा पर लौट रहे थे. उसी दौरान बाइक सवार तीन अपराधियों ने गोली चला दी थी. अपराधियों की गोली से जख्मी मुकेश की मौत इलाज के लिए ले जाने के क्रम में रास्ते में हो गयी थी.
इस घटना से आक्रोशित लोगों ने गुरुवार की सुबह नौ बजे के आसपास जंदाहा-हाजीपुर एनएच 322 को जंदाहा बाजार के गांधी चौक के समीप शव के साथ जाम कर दिया. घटना से आक्रोशित व्यवसायियों ने अपनी-अपनी दुकानें बंद कर पुलिस के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी. सड़क जाम की सूचना पर पहुंची जंदाहा थाना की पुलिस पर आक्रोशित लोगों ने पथराव शुरू कर दिया.
लोगों के आक्रोश को देखते हुये पुलिस टीम वहां से पीछे हट गयी. इसके बाद आक्रोशित लोगों जंदाहा बाया नदी पुल पर एक ट्रक खड़ी कर आवागमन को पूरी तरह से बाधित कर दिया. लगभग पांच घंटे की मशक्कत के बाद जंदाहा सीओ व पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझा कर शांत कराया तथा मृतक के परिजन को पारिवारिक लाभ योजना के तहत बीस हजार रुपये की मदद की.
इसके बाद भाजपा नेता अमरेंद्र कुमार मंटू, व्यवसायी संघ के अध्यक्ष जितेंद्र जेपी, विश्व मोहन चौधरी, अरुण पांडेय, कुंदन साह आदि की पहल पर सीमेंट व्यवसायी प्रमोद जायसवाल से मिलकर मृतक के परिजन को 10 लाख 50 हजार दिलायी. वहीं इस घटना के बाद मृतक के परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल है.
