तालाबों पर हो बोरिंग और शेड की व्यवस्था

हाजीपुर : वैशाली जिला मत्स्यजीवी सहयोग समिति संघ की बैठक में मछुआरों की समस्याओं पर चर्चा की गयी. बैठक की अध्यक्षता करते हुए मछुआरा आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष विजय कुमार सहनी ने कहा कि बिहार के 60 से 65 लाख मछुआरों की रोजी-रोटी मत्स्य पालन और मछली बिक्री पर निर्भर है. वर्तमान समय में मछुआरों […]

हाजीपुर : वैशाली जिला मत्स्यजीवी सहयोग समिति संघ की बैठक में मछुआरों की समस्याओं पर चर्चा की गयी. बैठक की अध्यक्षता करते हुए मछुआरा आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष विजय कुमार सहनी ने कहा कि बिहार के 60 से 65 लाख मछुआरों की रोजी-रोटी मत्स्य पालन और मछली बिक्री पर निर्भर है. वर्तमान समय में मछुआरों के समक्ष भुखमरी की समस्या उत्पन्न हो गयी है.

बैठक में सरकार से सुरक्षित जमा निर्धारण पर रोक लगाने, सुखाड़ के मद्देनजर वर्ष 2018-19 का राजस्व माफ करने, सभी तालाब एवं जलकर की बंदोवस्ती और देखरेख की जिम्मेदारी अंचल अधिकारियों को दिये जाने, मत्स्य विभाग के पदाधिकारी और कर्मचारियों को तालाबों के जीर्णोद्धार और उनमें मत्स्य उत्पादन की जिम्मेदारी देने, तालाबों का जीर्णोद्धार समिति के माध्यम से मनरेगा एवं अन्य योजनाओं के तहत कराये जाने, तालाबों पर बोरिंग समरसेबल एवं शेड की व्यवस्था करने, केंद्र और राज्य सरकार की घोषणा के मुताबिक मत्स्यजीवी सहयोग समिति के सदस्यों को मत्स्य क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने आदि की मांग की गयी.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इन मांगों से अवगत कराने का निर्णय लिया गया. बैठक में भोला सहनी, चंद्रकिशोर सहनी, इंद्रजीत कुमार, रामविलास सहनी, अमरजीत सहनी, मोनेलाल सहनी, शंभु सहनी, शैलेंद्र सहनी, लालबाबू सहनी आदि ने विचार व्यक्त किये.

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