अरनियां /जंदाहा : हाजीपुर-जंदाहा एनएच- 322 चकफतह गांव में बाइक व पिकअप की टक्कर में मंगलवार को एक शिक्षक की मौत के विरोध में आक्रोशित लोगों ने बुधवार को एनएच को जाम कर वाहनों की आवाजाही ठप कर दिया. मृतक विवेक कुमार सिंह(55) चकफतह गांव का रहने वाला था. वह पेशे से शिक्षक था और […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
अरनियां /जंदाहा : हाजीपुर-जंदाहा एनएच- 322 चकफतह गांव में बाइक व पिकअप की टक्कर में मंगलवार को एक शिक्षक की मौत के विरोध में आक्रोशित लोगों ने बुधवार को एनएच को जाम कर वाहनों की आवाजाही ठप कर दिया. मृतक विवेक कुमार सिंह(55) चकफतह गांव का रहने वाला था. वह पेशे से शिक्षक था और गांव में स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में प्रभारी प्रधानाध्यापक था. इस घटना में बाइक चालक सह मृतक के गांव का चंद्रवेदकर पासवान गंभीर रूप से घायल हो गया.
यह घटना तब हुई जब दोनों जंदाहा बीआरसी में विभागीय कार्य निबटाने के बाद घर लौट रहे थे. इसी दौरान चकफतह गांव स्थित राजकीय नलकूप के समीप हाजीपुर की ओर से जा रही एक पिकअप वैन का चालक अनियंत्रित होकर बाइक में सीधी टक्कर मार दी. ठोकर लगते ही दोनों बाइक से नीचे गिर गये और गंभीर रूप से घायल हो गये. प्रभारी प्रधानाध्यापक विकलांग थे. जिसके कारण चंद्रवेदकर पासवान उन्हें बाइक से स्कूल ले जाते थे और स्कूल से घर पहुंचाते थे. घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग वहां जुट गये. लोगों ने दोनों को इलाज के लिए जंदाहा बाजार स्थित एक निजी क्लिनिक में ले गये. जहां चिकित्सकों ने विवेक कुमार सिंह को मृत घोषित कर दिया. गंभीर रूप से घायल चंद्रवेदकर पासवान को प्राथमिक उपचार के बाद पीएमसीएच रेफर कर दिया.
शव को रखकर एनएच को किया जाम
घटना के विरोध में आक्रोशित लोगों ने बुधवार को चकफतह चौक पर एनएच- 322 पर लाश रखकर जाम कर दिया. जाम के कारण एनएच पर दोनों तरफ छोटी-बड़ी वाहनों की लंबी कतारें लग गयी. जाम कर रहे लोग बाइक चालक को भी आने-जाने नहीं दिया. एनएच जाम की सूचना मिलते ही जंदाहा थाना की पुलिस जाम स्थल पर पहुंची. अवर निरीक्षक रामबालक यादव व सीओ योगेंद्र प्रसाद सिंह घटना के संबंध में लोगों से पूछताछ की . आक्रोशित ग्रामीण मौके पर पुलिस अधीक्षक को बुलाने की मांग कर रहे थे. बाद में स्थानीय बबलू सिंह, सुरेश सिंह, अलख देव सिंह, रणविजय सिंह, बनारस सिंह, सत्य नारायण पासवान, यशवंत सिंह ,अरविंद सिंह आदि के लोगों को समझा-बुझा कर शांत कराने का प्रयास किया. सीओ ने मृतक के परिजनों को पारिवारिक लाभ योजना के तहत 20 हजार रुपये मुहैया कराया. इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये हाजीपुर सदर अस्पताल भेजा.
इस क्रम में एनएच पर तीन घंटों तक जाम रहा. सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया.समाजसेवी अशोक सिंह सोना, रालोसपा के दलित प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष लालदेव राम, रंधीर सिंह, संतोष सिंह, त्रिलोकी सिंह, मुरारी सिंह, जाप नेता पंकज कुमार सिंह ने राज्य सरकार से मृतक के पुत्र को अनुकंपा के आधार पर नौकरी एवं दस लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की है. मृतक शिक्षक की पत्नी का देहांत पूर्व में ही लालटेन फटने से हुयी हादसा में हो चुका है.
मृतक को दो पुत्र आदर्श कुमार(18), अंकित(14) एवं एक पुत्री अंजलि(16) है. तीनों बच्चे अपने पिता के शव से लिपट कर चित्कार मार रो रहे थे . तीनों बच्चों की हालत खराब थी. आसपास की महिला उसे संभालने में मशगुल थी. महिलाओं का कहना था कि अब इस जवान बेटी का क्या होगा? एकमात्र पिता ही पूरे परिवार का भरण-पोषण करने वाला था. विवेक ही बच्चों के लिए मां का भी दायित्व निभा रहा था.