बंद के समर्थन में सड़क पर उतरे विभिन्न दलों के कार्यकर्ता
हाजीपुर : मुजफ्फरपुर बालिका गृह समेत अन्य बालिका गृहों में यौन शोषण, दलितों पर हमले एवं बढ़ते अपराध के खिलाफ गुरूवार को वाम दलों द्वारा आहूत बिहार बंद का जिले में मिलाजुला असर रहा. बंद को राजद, लोजद, सपा आदि दलों एवं विभिन्न जन संगठनों का समर्थन प्राप्त था. बंद को सफल बनाने के लिए गुरुवार की सुबह इन दलों के नेता-कार्यकर्ता सड़कों पर उतर पड़े. जिले के भगवानपुर, बिदुपुर बाजार, अक्षयवट नगर, महुआ, पातेपुर समेत अन्य स्थानों पर बंद समर्थकों ने प्रदर्शन किया. कई मार्गों पर आवागमन बाधित किया गया. शहर में सुबह के बाद लगभग दो घंटे तक बाजार बंद रहा. दोपहर से स्थिति सामान्य रही.
सुबह 9 बजे शहर के स्टेशन चौक से वाम दलों का जुलूस निकला. माले जिला सचिव योगेंद्र राय, अभाकिम के प्रदेश अध्यक्ष विशेश्वर प्रसाद यादव, भाकपा जिला सचिव अमृत गिरि, माकपा जिला सचिव राजनारायण सिंह, एक्टू राज्य सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह, खेमस जिलाध्यक्ष दीनबंधु प्रसाद, एसयूसीआई नेता इंद्रदेव राय आदि के नेतृत्व में अलग-अलग जत्थों में जुलूस निकाले गये. लोकतांत्रिक जनता दल के जिलाध्यक्ष रंजीत कुमार राय के नेतृत्व में बंद के समर्थन में प्रदर्शन किया गया. पार्टी के प्रदेश महासचिव चंद्रशेखर पटेल, रवींद्र शर्मा, डॉ राधिका राय समेत अन्य कार्यकर्ता शामिल थे. युवा राजद के जिलाध्यक्ष संजय पटेल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया.
आइसा के कार्यकर्ताओं ने जिला संयोजक ज्वाला कुमार के नेतृत्व में एनएच 322 को राधारमण चौक के निकट जाम किया. उधर एनएच 22 पर भगवानपुर अड्डा चौक के निकट राजद संघर्ष समिति के सदस्यों ने यातायात ठप किया. केदार प्रासद यादव एवं मंजू सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया. सपा जिलाध्यक्ष सुमन कुमार राय के नेतृत्व में कार्यकर्ता बंद के समर्थन में उतरे. राजद सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष कुमार चौधरी, जिलाध्यक्ष सचिंद्र राय ने कार्यकर्ताओं के साथ रामअशीष चौक के निकट बंद कराया.
देसरी. मुजफ्फरपुर के बालिका गृह रेपकांड के विरोध में बिहार बंद को लेकर हाजीपुर-महनार पथ एसएच 93 को थाना क्षेत्र के नयागंज चौक पर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने आठ घंटों तक जाम रखा. सुबह में ही असंगठित कामगार के जिलाध्यक्ष राजकपूर साह के नेतृत्व में विश्वनाथ राय, चंदे मांझी, रामप्रवेश रवींद्र राय, रामगती साह, विपिन के अलावा दर्जनों लोग बांस बल्ला लेकर एसएच पर पहुंच गये और सरकार विरोधी नारे लगाते हुए रेपकांड के अारोपितों को फांसी की सजा देने की मांग की. उधर जाम के कारण सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गयी.
गोरौल. वामपंथी दलों के बिहार बंद को समर्थन दे रहे राजद समर्थकों ने गोरौल ने हाजीपुर-मुजफ्फरपुर मुख्य सड़क एनएच 22 को कुछ देर के लिए जाम कर दिया. राजद के प्रदेश राजद आपदा प्रबंधन के उपाध्यक्ष राजाराम राय, महासचिव राम एकबाल सिंह यादव, जिला राजद के उपाध्यक्ष महेश प्रसाद यादव, अजय राय, मो इस्लाम सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने मुख्य सड़क पर आकर जाम कर दिया. सभी राज्य के समाज कल्याण मंत्री के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए मंत्री से त्यागपत्र की मांग कर रहे थे.
जंदाहा. बाम दल के आह्वान पर राजद के समर्थन में मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन शोषण मामले को लेकर प्रखंड क्षेत्र में बिहार बंद का मिलाजुला असर रहा. वहीं चांद सराय हाथ परिसर में युवा राजद नेता मुकेश कुमार चौधरी के नेतृत्व में राजद कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला दहन किया. इस मामले के मुख्य आरोपित बृजेश ठाकुर को फांसी की सजा दिये जाने की मांग करते हुए कहा कि यह घटना बिहार सरकार के माथे पर एक कलंक है. मौके पर रंजन यादव, मोहम्मद मुस्ताक, शंकर राय, दीपक यादव, चुनचुन कुमार यादव, मिथिलेश राय आदि लोगों के अलावे दर्जनों राजद कार्यकर्ता मौजूद थे.
चेहराकलां. केंद्र व बिहार सरकार के विरोध में बिहार बंद हड़ताल के समर्थन में स्थानीय राजद नेताओं द्वारा गुरुवार को सड़क जाम किया गया. स्थानीय राजद नेताओं ने प्रखंड अध्यक्ष गणेश राय के नेतृत्व में चेहराकलां प्रखंड मुख्यालय चौक के महुआ-मुजफ्फरपुर मुख्य मार्ग को सड़क जाम किया. साथ ही, जमकर सरकार विरोधी नारेबाजी भी की गयी. बिहार बंद हड़ताल के समर्थन में सड़क जाम करने वालों में प्रदेश युवा राजद उपाध्यक्ष विद्या कुमारी राय, मुखिया अशोक कुमार राय, प्रखंड उपाध्यक्ष धर्मेंद्र राय, पैक्स अध्यक्ष रवींद्र कुमार यादव, उपमुखिया देव प्रसाद यादव, राकेश कुमार यादव, सुबोध कुमार, यदुनंदन राय,मुकेश कुमार, सुबोध कुमार, रामसूरत राय, देवेंद्र राय आदि शामिल है.
वाम दलों की ये थीं मांगें
बिहार बंद का आह्वान करने वाले वाम दलों की मांगों में समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा एवं नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा को मंत्रिमंडल से बरखाश्त करने, चंद्रशेखर वर्मा समेत सभी अारोपितों की गिरफ्तारी, मुजफ्फरपुर बालिका गृह की जांच हाईकोर्ट की मॉनिटरिंग में कराने और राज्य के सभी बालिका गृहों को जांच के दायरों में लाने, टाटा इंस्टीटच्यूट ऑफ सोशल साइंस की रिपोर्ट सार्वजनिक करने समेत अन्य मांगें शामिल थी.
