हत्या के विरोध में सड़क पर उतरे लोग

पटेढ़ी बेलसर : बेखौफ अपराधियों द्वारा की गई गोलीबारी में साइन पेट्रोल पंप के एक कर्मी की मौत तथा मैनेजर के घायल होने के बाद घटना के उद्भेन में पुलिस बेबस नजर आ रही है.घटना के 24 घंटे बाद पुलिस के हाथ खाली है.पुलिस को अबतक इस मामले में कोई सुराग हाथ नहीं लगा है. […]

पटेढ़ी बेलसर : बेखौफ अपराधियों द्वारा की गई गोलीबारी में साइन पेट्रोल पंप के एक कर्मी की मौत तथा मैनेजर के घायल होने के बाद घटना के उद्भेन में पुलिस बेबस नजर आ रही है.घटना के 24 घंटे बाद पुलिस के हाथ खाली है.पुलिस को अबतक इस मामले में कोई सुराग हाथ नहीं लगा है. पुलिस के पास सिर्फ सीसीटीवी फुटेज ही एक मात्र सहारा है,

जिससे घटना के उद्भेदन में सफलता मिलने की उम्मीद है. जिस फिल्मी अंदाज में लुटेरों ने घटना को अंजाम दिया था, वह पुलिस के लिए एक चुनौती की तरह है. अपराधी काले और उजले रंग की दो अपाचे बाइक पर सवार थे. अपराधियों ने पेट्रोल पंप कैंपस में प्रवेश करते ही फायरिंग शुरू कर दी थी. नोजलमैन आदित्य शाही के सीने में गोली मार दी. आदित्य वहीं जमीन पर गिर गया.

अपराधियों ने उसके पास से कैश बैग लूट लिया था. हालांकि बैग में रकम के कम होने की बात बतायी गयी है, क्योंकि शाम तक की बिक्री का पैसा बैंक में जमा हो चुका था. पुलिस सूत्रों के अनुसार अपराधी अगर लूट के इरादे से आते तो पंप पर हुयी बिक्री की रकम को लूटने का प्रयास भी करते. बिना किसी विरोध के गोली मारने की घटना सुनियोजित हत्या की तरफ इशारा करता है.

दुकानदार के पास पहले पहुंचे थे अपराधी : घटना के प्रत्यक्षदर्शी एक पान दुकानदार निडु कुमार ने बताया कि एक बाइक पर सवार तीन अपराधी सबसे पहले उसके दुकान पर पहुंचे थे. उसने दुकानदार से गुटखा मांगा. गुटखे का पैसा दुकानदार द्वारा मांगने पर उसकी कनपटी में पिस्टल तान दिया था. तीन पैकेट गुटखा ले लिया. इसी दौरान पंप पर गोलीबाड़ी होने लगी.
प्रत्यक्षदर्शी की मानें तो अपराधी तीन बाइक पर सवार थे. दो बाइक सवार अपराधी पेट्रोल पंप पर धावा बोले तथा एक बाइक सवार अपराधी उसके दुकान पर ही हथियार के साथ डटा रहा.
फायरिंग करने के बाद सभी एक साथ सरैयां की तरफ फरार हो गये.
हत्या व लूट की वारदातों से आम लोगों में दहशत
जिले में एक के बाद एक हो रही हत्या और लूट की वारदात से आम लोग सहम गये हैं. साइन गांव स्थित पेट्रोल पंप पर सोमवार की रात करीब 8 बजे के आसपास हथियारबंद अपराधियों ने पंप परिसर में प्रवेश किया. उससे लगता है अपराधियों ने पूरी प्लानिंग के साथ धावा बोला था, क्योंकि उक्त पेट्रोल पंप रात 9 बजे बंद हो जाता है. इस बात की जानकारी अपराधियों को थी. सीसीटीवी फुटेज के खंगालने पर पता चला है कि बाइक सवार अपराधियों ने पहुंचते ही फायरिंग शुरू कर दी थी.
दो बाइक पर सवार छह अपराधी और सभी युवा नजर आ रहे हैं. सभी अपने चेहरे पर नकाब पहने हैं. हत्या में स्थानीय लाइनर की भूमिका से भी इन्कार नहीं किया जा सकता. हालांकि,पुलिस लूट की घटना से इन्कार कर रही है.सीसीटीवी फुटेज के अनुसार अपराधियों का पंप के कमरे में प्रवेश नहीं करना तथा लूट की वारदात को नहीं अंजाम देना कई सवाल खड़े करता है.
चर्चा यह भी है कि क्या अपराधियों का इरादा सिर्फ दहशत फैलाना था? पंपकर्मी आदित्य कुमार शाही की मौत से ग्रामीण सकते में है. मृतक आदित्य घर का एकमात्र कमाऊ सदस्य था. पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसके कंधों पर थी. मृतक के पिता का साया तीन महीने पहले ही उसके सिर से उठ चुका था. मृतक आदित्य तथा गोलीबारी में जख्मी विनोद शाही आपस में चाचा भतीजा हैं.दोनों का घर पम्प से मात्र 500 गज की दूरी पर है.उक्त पेट्रोल पंप विनोद शाही की जमीन में ही संचालित है. मैनेजर विनोद शाही की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बतायी जा रही है.

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