जिलों के महत्व पर अब होंगे बिहार में महोत्सव, DM से मांगी गयी रिपोर्ट

राज्य के विभिन्न जिलों में उस क्षेत्र के महत्व पर प्रतिवर्ष होने वाले महोत्सव इसके महत्वपूर्ण आयाम हैं, लेकिन अब महोत्सव को व्यापक रूप देने का निर्णय लिया गया है.

पटना. राज्य के विभिन्न जिलों में उस क्षेत्र के महत्व पर प्रतिवर्ष होने वाले महोत्सव इसके महत्वपूर्ण आयाम हैं, लेकिन अब महोत्सव को व्यापक रूप देने का निर्णय लिया गया है.

ऐसे महोत्सवों में अब कला-संस्कृति से जुड़ी प्रदर्शनी लगेगी. जहां से लोगों को जिला के बारे में विशेष जानने का मौका भी मिल पायेगा. साथ ही, वैसे जिलों को जोड़ने का लक्ष्य भी रखा गया है, जहां प्रति वर्ष कार्यक्रम का आयोजन नहीं हो पाता है.

इसलिए विभाग ने सभी जिलों के डीएम से यह रिपोर्ट मांगी है कि आपके जिले में किस-किस महोत्सव का आयोजन किया जा सकता है.

कला -संस्कृति व युवा विभाग में इसके लिए जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी के रिक्त 38 पदों पर बहाली की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी है.

कला- संस्कृति व युवा विभाग के मंत्री मंगल पांडे ने इसको लेकर कुछ दिनों पूर्व अधिकारियों के साथ बैठक कर दिशा-निर्देश दिया था. इसके बाद से अधिकारियों ने राज्य के विभिन्न जिलों में नये कला और संस्कृति की पहचान शुरू कर दी है.

Posted by Ashish Jha

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >