कोरोना काल में लौटे प्रवासियों को रोजगार देने की योजना की गति धीमी, अब तक केवल दो जगहों पर मशीन खरीदने का ऑर्डर

इन प्रवासियों को रोजगार देने के लिए हर जिले को मई माह में सरकार ने 50 लाख रुपये उपलब्ध कराये थे.

पटना. कोरोना के कारण विभिन्न राज्यों से पटना लौटे प्रवासियों को रोजगार देने की योजना की गति काफी धीमी है. इन प्रवासियों को रोजगार देने के लिए हर जिले को मई माह में सरकार ने 50 लाख रुपये उपलब्ध कराये थे.

इन रुपयों से पांच जगहों में दस-दस लाख की लागत से लघु उद्योग बैठाये जाने की योजना थी. पांच माह होने को आये लेकिन अभी तक मात्र दो जगहों बेऊर व अथमलगोला में लघु उद्योग बैठाने के लिए मशीन का ऑर्डर किया गया.

अधिकारियों का दावा है कि एक सप्ताह में मशीन आ जायेगी और उसे इंस्टॉल कर लिया जायेगा. लेकिन तीन जगहों बिहटा, नौबतपुर व बख्तियारपुर में लघु उद्योग बैठाने के लिए केवल जगह का चयन किया जा सका है.

बेऊर में रेडिमेड गारमेंट्स और अथमलगोला में पेवर ब्लॉक का लघु उद्योग लगाया जा रहा है. जबकि बिहटा में पेवर ब्लॉक, नौबतपुर में किसानों से सब्जी लेकर उसकी पैकिंग कर बाजार में बिक्री करने और बख्तियारपुर में बेकरी का लघु उद्योग लगाया जायेगा.

पटना जिला उद्योग महाप्रबंधक उमेश कुमार ने बताया कि दो जगहों के लिए मशीन का ऑर्डर हो चुका है और जल्द ही इंस्टॉल कर लिया जायेगा. तीन जगहों के लिए जगह का चयन कर लिया गया है.

Posted by Ashish Jha

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Published by: Prabhat khabar news desk

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