नाबालिग अपहरण के मामले में दो आरोपियों को 9-9 साल की सजा

जेल में बिताई गई अवधि को सीआरपीसी की धारा 428 के तहत समायोजित किया जाएगा.

सुपौल जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश षष्ठम सह विशेष न्यायाधीश पॉक्सो संतोष कुमार दुबे की अदालत ने नाबालिग अपहरण के एक मामले में दो आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनायी. लौकहा थाना कांड संख्या 24/2024 एवं पॉक्सो वाद संख्या 67/2024 से जुड़े नाबालिग पीड़िता के अपहरण मामले में गुरुवार को न्यायालय ने अनिल कुमार (22 वर्ष) एवं शशि शर्मा (31 वर्ष) को दोषी पाते हुए भादवि की धारा 366 एवं 366(ए) के तहत 09 वर्ष का कठोर कारावास तथा 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई. जुर्माने की राशि अदा नहीं करने की स्थिति में 06 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. इसके अतिरिक्त भादवि की धारा 363 के तहत 07 वर्ष का कठोर कारावास एवं 25 हजार रुपये जुर्माना तथा जुर्माना नहीं देने पर 06 माह का अतिरिक्त कारावास भी लगाया गया है. न्यायालय ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी तथा विचारण अवधि में जेल में बिताई गई अवधि को सीआरपीसी की धारा 428 के तहत समायोजित किया जाएगा. गौरतलब है कि दोनों आरोपियों को न्यायालय द्वारा 24 फरवरी 2026 को ही दोषी करार दिया गया था. मामले की सुनवाई के दौरान कुल 12 गवाहों ने न्यायालय में अपना बयान दर्ज कराया. अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक नीलम कुमारी ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता प्रवीण मेहता ने दलीलें पेश कीं. इस वाद में नामजद अन्य चार अभियुक्त अशोक शर्मा, लक्ष्मी कुमारी, ननकी देवी एवं कंचन देवी को साक्ष्य के अभाव में न्यायालय ने बरी कर दिया. वहीं पीड़िता को न्याय दिलाते हुए अदालत ने एक लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने का भी आदेश पारित किया है.

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By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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