Transporter Emergency Assistance Fund: त्रिवेणीगंज (सुपौल) के ट्रांसपोर्ट कारोबार में फर्जी या ट्रेसलेस गाड़ी लगने और माल चोरी होने जैसी घटनाएं व्यापारियों के लिए बड़ी आर्थिक परेशानी खड़ी कर देती हैं. अचानक होने वाले नुकसान से निपटने के लिए अब ट्रांसपोर्टर संघ ने स्थानीय स्तर पर मदद का नया रास्ता तैयार किया है. त्रिवेणीगंज में ट्रांसपोर्टर संघ और व्यापारियों की संयुक्त बैठक में ‘व्यापारी एवं वाहन मालिक आपातकालीन सहायता कोष’ का विधिवत शुभारंभ किया गया.
इस कोष का उद्देश्य आपात स्थिति में व्यापारियों और वाहन मालिकों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है. संघ के अनुसार, किसी व्यापारी के साथ फर्जी या ट्रेसलेस गाड़ी लगाने अथवा माल चोरी होने की स्थिति में पीड़ित को आर्थिक मदद दी जाएगी. आर्थिक संकट के कारण किसी वाहन मालिक की गाड़ी खड़ी होने की स्थिति में भी कोष से अल्पकालिक सहायता देने का निर्णय लिया गया है.
फर्जी गाड़ी या माल चोरी होने पर कैसे मिलेगी मदद
रविवार को एनएच स्थित एक विवाह भवन में ट्रांसपोर्ट एम्प्लाइज यूनियन कोशी प्रमंडल के बैनर तले हुई बैठक में इस व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गयी. बैठक की अध्यक्षता प्रमंडलीय अध्यक्ष संजय कुमार शर्मा ने की.
संजय कुमार शर्मा ने बताया कि 16 अगस्त को ट्रांसपोर्टर संघ और व्यापार संघ के व्यापारी प्रतिनिधियों की बैठक में आपातकालीन सहायता कोष शुरू करने का निर्णय लिया गया था. उसी निर्णय के तहत त्रिवेणीगंज में भी कोष का शुभारंभ किया गया है.
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यापारी के साथ फर्जी अथवा ट्रेसलेस गाड़ी लगने या माल चोरी होने जैसी घटना होती है तो संघ के निर्णय के अनुसार संबंधित दोषी ट्रांसपोर्टर कोष से राशि लेकर पीड़ित व्यापारी की आर्थिक मदद करेंगे. बाद में संबंधित ट्रांसपोर्टर को यह राशि कोष में वापस जमा करनी होगी.
वाहन मालिकों को भी मिलेगा अल्पकालिक सहारा
सिर्फ व्यापारियों को ही नहीं, बल्कि आर्थिक संकट से जूझ रहे वाहन मालिकों को भी इस कोष से मदद देने का फैसला किया गया है.
बैठक में बताया गया कि आर्थिक कमी के कारण यदि किसी वाहन मालिक की गाड़ी खड़ी होने की स्थिति बनती है तो उसे भी कोष से अल्पकालिक आर्थिक सहायता दी जा सकेगी. निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद संबंधित राशि कोष में वापस जमा करनी होगी.
संघ का मानना है कि अचानक पैदा होने वाली आर्थिक परेशानी में यह व्यवस्था व्यापारियों और वाहन मालिकों के लिए तत्काल राहत का माध्यम बन सकती है.
हर वाहन से 200 रुपये जुटाए जाएंगे
कोष को लगातार संचालित रखने के लिए राशि जुटाने की व्यवस्था भी तय की गयी है. बैठक में निर्णय लिया गया कि सदस्य ट्रांसपोर्टरों द्वारा लगाए जाने वाले प्रत्येक वाहन से मिलने वाली मजदूरी में से 200 रुपये प्रति वाहन की राशि व्यापारियों द्वारा एकत्र की जाएगी.
एकत्र राशि को साप्ताहिक आधार पर ट्रांसपोर्ट एम्प्लाइज यूनियन के कोशी प्रमंडल खाते में जमा कराया जाएगा. इस तरह कोष में नियमित रूप से राशि जमा होती रहेगी और जरूरत पड़ने पर सदस्यों को सहायता दी जा सकेगी.
कोष के संचालन पर संघ का रहेगा अधिकार
बैठक में सहायता कोष के संचालन और सदस्यता को लेकर भी कई फैसले लिये गये. संघ के अनुसार कोष पर ट्रांसपोर्टर संघ का पूर्ण अधिकार रहेगा. किसी बाहरी व्यक्ति या अधिकारी के हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करने की बात कही गयी.
कोष के निर्धारित नियमों का समर्थन करने वाले व्यापारियों और वाहन मालिकों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है. स्थायी सदस्यों की अंतिम सूची सोनवर्षा राज में होने वाली आगामी बैठक में सार्वजनिक की जाएगी.
Transporter Emergency Assistance Fund: व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों के बीच बढ़ेगा समन्वय
बैठक में सिर्फ आर्थिक सहायता कोष शुरू करने पर ही चर्चा नहीं हुई, बल्कि ट्रांसपोर्टर और व्यापारी के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर भी जोर दिया गया.
ट्रांसपोर्ट कारोबार में वाहन, माल और भुगतान से जुड़े मामलों में अचानक विवाद या नुकसान की स्थिति पैदा हो सकती है. ऐसे समय में आपसी सहयोग और भरोसा बनाए रखना जरूरी है. संघ ने इसी उद्देश्य से आपात परिस्थितियों में एक-दूसरे का सहयोग करने की बात कही.
त्रिवेणीगंज में शुरू हुआ यह सहायता कोष अब आपात स्थिति में व्यापारियों और वाहन मालिकों के लिए आर्थिक सुरक्षा के स्थानीय मॉडल के तौर पर काम करेगा. इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि सदस्य नियमित रूप से राशि जमा करें और कोष का संचालन तय नियमों के अनुसार पारदर्शी तरीके से किया जाए.
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