सुपौल से रोशन सिंह की रिपोर्ट :
पिछले एक सप्ताह से लगातार रुक-रुक कर हो रही बेमौसम बारिश ने जिला मुख्यालय की व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है. शहर के अधिकांश सड़कों पर जलजमाव होने से आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. हालात ऐसे हैं कि लोगों का घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है. खासकर पैदल चलने वालों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों को सबसे अधिक दिक्कत हो रही है. स्थानीय लोगों के अनुसार इस बार की बेमौसम बारिश ने नगर परिषद की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है. शहर में निर्माणाधीन ओवरब्रिज के दोनों ओर बनी सड़कों पर छोटे-बड़े कई गड्ढे हैं, जिनमें पानी भर जाने से दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है. इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को काफी सतर्कता बरतनी पड़ रही है. इसके अलावा मिलन चौक से नयानगर जाने वाली सड़क तथा विलियम्स स्कूल से गजना चौक तक जाने वाले मार्ग पर एक से दो फीट तक पानी जमा है, जिससे स्थानीय लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है. कई मोहल्लों में जलजमाव के कारण लोगों को घरों से निकलने के लिए वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है.पिछले एक सप्ताह से गांधी मैदान में जलजमाव
जिला मुख्यालय का हृदय स्थल कहे जाने वाला गांधी मैदान भी पिछले एक सप्ताह से झील में तब्दील हो गया है. मैदान में पानी जमा होने के कारण सुबह-शाम टहलने आने वाले लोगों और खेल गतिविधियों पर भी असर पड़ा है. कमोवेश यही स्थिति जिला मुख्यालय के अधिकांश वार्डों में देखने को मिल रही है. लोगों का कहना है कि नगर प्रशासन को जल निकासी की समुचित व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि थोड़ी सी बारिश में शहर की ऐसी स्थिति न बने. स्थानीय लोगों ने नगर परिषद से अविलंब जलजमाव की समस्या का समाधान कराने की मांग की है, ताकि आमजन को राहत मिल सके.
