वीरपुर से प्रमोद कुमार की रिपोर्ट
Supaul News: 45वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) द्वारा पिपराही बीओपी में राहत एवं बचाव दल का विशेष डेमो और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत और बचाव कार्यों में इस्तेमाल होने वाले आधुनिक उपकरणों और तकनीकों की जानकारी देना था.
द्वितीय कमान पदाधिकारी जगदीश कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रशिक्षित जवानों ने आपदा प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं का व्यावहारिक प्रदर्शन किया. कार्यक्रम के दौरान जवानों ने बताया कि संकट की घड़ी में त्वरित और समन्वित कार्रवाई किस तरह लोगों की जान बचा सकती है.
जब मैदान में उतरे राहत-बचाव दल के जवान
डेमो के दौरान जवानों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अपनाई जाने वाली सुरक्षा रणनीतियों को विस्तार से समझाया. उन्होंने यह भी बताया कि किस प्रकार फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जाता है और प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जाता है.
लाइव प्रदर्शन के दौरान लाइफ जैकेट, रेस्क्यू रोप, फ्लोटिंग उपकरण और अन्य आधुनिक बचाव सामग्रियों के उपयोग का प्रदर्शन किया गया. काल्पनिक आपदा परिदृश्यों के माध्यम से यह दिखाया गया कि बचाव दल किस तरह कम समय में प्रभावी राहत कार्य कर सकता है.
आपदा प्रबंधन को लेकर बढ़ी जागरूकता
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और जवानों ने राहत एवं बचाव से जुड़ी तकनीकों की जानकारी प्राप्त की. इस दौरान आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया.
एसएसबी अधिकारियों ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए आपदा प्रबंधन की जानकारी बेहद महत्वपूर्ण है. ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल जवानों की दक्षता बढ़ाते हैं, बल्कि समाज में भी जागरूकता पैदा करते हैं.
सीमाओं की सुरक्षा के साथ राहत कार्यों में भी अग्रणी एसएसबी
कार्यवाहक कमांडेंट जगदीश कुमार शर्मा ने कहा कि सशस्त्र सीमा बल केवल सीमाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं है. प्राकृतिक आपदाओं के दौरान आम नागरिकों की सहायता और राहत कार्यों में भी बल हमेशा अग्रणी भूमिका निभाता है.
उन्होंने कहा कि भविष्य में भी 45वीं वाहिनी एसएसबी द्वारा इस तरह के प्रशिक्षण, जागरूकता और राहत-बचाव कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित सहायता सुनिश्चित की जा सके.
