Supaul News: राघोपुर में धरहरा स्थित प्रसिद्ध बाबा भीमशंकर महादेव स्थान मंदिर में चढ़ावे की राशि की गिनती के दौरान कथित मारपीट और गाली-गलौज का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है. मंदिर की व्यवस्था और चढ़ावे की राशि की गिनती के दौरान हुए विवाद को गंभीरता से लेते हुए वीरपुर के अनुमंडल पदाधिकारी सह मंदिर न्यास समिति के अध्यक्ष विनय कुमार ने मंदिर के लेखापाल शेखर कुमार पर कार्रवाई की है.
एसडीएम ने शेखर कुमार को मंदिर प्रबंधन समिति की सभी गतिविधियों और कार्यों के निष्पादन से तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया है. साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए राघोपुर थानाध्यक्ष को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं.
चढ़ावे की राशि गिनते समय हुआ विवाद
मामला 24 अगस्त की शाम का बताया जा रहा है. मंदिर न्यास समिति के कोषाध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी ने राघोपुर थाना और वीरपुर एसडीएम के पास लिखित आवेदन देकर लेखापाल शेखर कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी.
आवेदन के अनुसार, एसडीएम वीरपुर के निर्देश पर मंदिर में चढ़ावे की राशि की गिनती की जा रही थी. इस दौरान पंचायत सचिव अर्जुन कुमार, मंदिर के सचिव संजीव कुमार यादव और योगेंद्र साह मौजूद थे.
राशि की गिनती मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में की जा रही थी. इसी दौरान विवाद की स्थिति उत्पन्न होने का आरोप लगाया गया है.
लेखापाल पर नशे की हालत में पहुंचने का आरोप
कोषाध्यक्ष की ओर से दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि चढ़ावे की राशि की गिनती के दौरान मंदिर के लेखापाल शेखर कुमार नशे की हालत में वहां पहुंचे.
आरोप के अनुसार, उन्होंने वहां गाली-गलौज शुरू कर दी. इसका विरोध करने पर कोषाध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई.
आवेदन में पंचायत सचिव के साथ भी गाली-गलौज किए जाने का आरोप लगाया गया है. कोषाध्यक्ष ने प्रशासन को बताया है कि पूरी घटना से संबंधित साक्ष्य मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में मौजूद हैं.
अब पुलिस जांच के दौरान इन फुटेज की भी जांच कर सकती है.
गर्भगृह से मिली घड़ी ले जाने का भी आरोप
मामला केवल मारपीट और गाली-गलौज तक सीमित नहीं है. लिखित शिकायत में मंदिर के लेखापाल पर एक भक्त की घड़ी अपने साथ ले जाने का भी आरोप लगाया गया है.
शिकायत के अनुसार, यह घड़ी मंदिर के गर्भगृह से मिली थी. कोषाध्यक्ष ने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर आरोपित के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है.
हालांकि, घड़ी ले जाने समेत लगाए गए सभी आरोपों की अभी पुलिस जांच कर रही है. आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.
शिकायत मिलते ही एसडीएम ने लिया फैसला
मंदिर न्यास समिति के अध्यक्ष सह वीरपुर एसडीएम विनय कुमार ने बताया कि कोषाध्यक्ष की ओर से लेखापाल के खिलाफ शिकायत प्राप्त हुई थी.
शिकायत में मंदिर परिसर में गाली-गलौज और मारपीट के आरोप लगाए गए थे. मामले की गंभीरता को देखते हुए शेखर कुमार को मंदिर प्रबंधन समिति की सभी गतिविधियों और कार्यों के निष्पादन से तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया गया है.
एसडीएम ने बताया कि घटना की जांच के लिए राघोपुर थानाध्यक्ष को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं. जांच रिपोर्ट और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस ने दर्ज किया मामला, सीसीटीवी से खुलेगा राज
राघोपुर थानाध्यक्ष अमित कुमार राय ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.
मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे होने के कारण जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने की उम्मीद है. पुलिस घटना के समय मौजूद लोगों से भी जानकारी ले सकती है और आरोपों से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच करेगी.
Supaul News: मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता पर भी सवाल
मंदिर में आने वाले चढ़ावे की राशि की गिनती जैसी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निगरानी महत्वपूर्ण होती है. ऐसे में राशि की गिनती के दौरान विवाद और मारपीट के आरोप सामने आने से मंदिर प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठे हैं.
प्रशासन की ओर से लेखापाल को मंदिर की गतिविधियों से अलग करने का तत्काल फैसला इसी विवाद को गंभीरता से लेने का संकेत है. अब जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ था और लगाए गए आरोप कितने सही हैं.
फिलहाल प्रशासन ने मंदिर प्रबंधन की गतिविधियों में शेखर कुमार की भूमिका पर रोक लगा दी है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है. जांच के निष्कर्ष के बाद आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई तय होगी.
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