सुपौल जिले के भारत-नेपाल सीमावर्ती बसंतपुर प्रखंड अंतर्गत बनैलीपट्टी पंचायत में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) एवं 15वीं वित्त आयोग की योजनाओं में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता और फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है. पंचायत के वार्ड संख्या 05 में स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया और सरकारी राशि के बंदरबांट की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की. पंचायत के सरपंच ने स्वयं अपनी निजी जमीन पर बिना जानकारी के कागजों पर पोखर निर्माण दिखाकर राशि निकासी करने का गंभीर आरोप लगाया है. मामले की शिकायत जिलाधिकारी के जनता दरबार तक पहुंचने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है.
"कागजों पर खुदे दर्जनों पोखर, धरातल पर गड्ढा तक नहीं": सरपंच
पंचायत के सरपंच देव नारायण मेहता ने मनरेगा योजनाओं में चल रहे खेल का पर्दाफाश करते हुए गंभीर तथ्य रखे:
- निजी जमीन पर फर्जी पोखर: सरपंच ने आरोप लगाया कि उनकी स्वयं की निजी जमीन पर कागजों में पोखर निर्माण दर्ज कर पूरी राशि निकाल ली गई, जबकि उन्हें इसकी भनक तक नहीं लगी.
- जमीन पर कोई नामोनिशान नहीं: पंचायत में एक दर्जन से अधिक ऐसे तालाब और पोखर दर्ज हैं, जिनकी निकासी सरकारी रिकॉर्ड में पूरी हो चुकी है, लेकिन मौके पर पोखर का कोई अस्तित्व ही नहीं है.
- पशु शेड में हेराफेरी: कई वास्तविक लाभुकों के नाम पर सिर्फ अभिलेख तैयार कर पशु शेड की राशि की अवैध निकासी कर ली गई, जबकि स्थल पर शेड का निर्माण हुआ ही नहीं.
सड़क पर 'दोहरी योजना' का खेल: एक ही सड़क पर दो बार निकासी का आरोप
पंचायत के ग्रामीण गणेश यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने निर्माण कार्यों में नियमों की अनदेखी का विस्तृत ब्योरा दिया:
- एक ही मार्ग पर दो फंड: वार्ड संख्या 07 में विजय मेहता के खेत से श्मशान घाट तक की सड़क पर वित्तीय वर्ष 2023-24 में मनरेगा के तहत मिट्टी भराई व ईंट सोलिंग का कार्य कराकर पूर्ण भुगतान ले लिया गया. इसके तुरंत बाद उसी सड़क पर 15वीं वित्त योजना से पीसीसी (PCC) ढलाई करा दी गई, जो नियमों के विरुद्ध दोहरा भुगतान है.
- वार्ड संख्या 01 में कार्य: इंडो-नेपाल बॉर्डर रोड से नेपाल वर्तन के पोखर तक सड़क में मिट्टी भराई और सोलिंग कार्य में भी भारी अनियमितता बरते जाने की शिकायत दर्ज कराई गई है.
डीएम के आदेश के बाद भी जांच में देरी, बीडीओ बोले— होगी सख्त कार्रवाई
अनियमितताओं के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है:
- जनता दरबार में शिकायत: सरपंच देव नारायण मेहता ने बताया कि इस पूरे फर्जीवाड़े की लिखित शिकायत जिलाधिकारी (DM) के जनता दरबार में की गई थी, जिसके बाद जिला पंचायती राज पदाधिकारी (DPRO) को जांच का निर्देश मिला था, लेकिन अब तक धरातल पर ठोस जांच नहीं हुई.
- प्रशासनिक रुख: पूछे जाने पर बसंतपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) सुजीत कुमार मिश्रा ने स्पष्ट किया कि प्राप्त आवेदन के आलोक में जांच की प्रक्रिया चल रही है और जांच रिपोर्ट आते ही दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
