सुपौल : स्कूली छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सुपौल पुलिस ने निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करना शुरू कर दिया है. खासकर स्कूल आने-जाने वाली छात्राओं को मनचलों और असामाजिक तत्वों से सुरक्षा दिलाने के उद्देश्य से विद्यालयों के आसपास महिला पुलिसकर्मियों की गश्ती बढ़ायी गयी है. सदर क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के आसपास इन दिनों ‘पुलिस दीदी’ स्कूटी और बाइक से गश्त करती नजर आ रही हैं.
स्कूल खुलने और छुट्टी के समय रहेगी खास नजर
स्कूल खुलने और छुट्टी होने के समय छात्र-छात्राओं की आवाजाही काफी बढ़ जाती है. ऐसे में इन समयों में महिला पुलिसकर्मियों की गश्ती और निगरानी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
विद्यालयों के आसपास अनावश्यक रूप से मंडराने वाले युवकों, मनचलों और असामाजिक तत्वों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी. किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर पुलिस कार्रवाई कर सकती है.
छात्राओं में बढ़ेगा सुरक्षा का भरोसा
‘पुलिस दीदी’ अभियान के मुख्य बिंदु
- स्कूलों के आसपास महिला पुलिसकर्मियों की गश्ती.
- स्कूटी और बाइक से लगातार भ्रमण कर निगरानी.
- स्कूल खुलने और छुट्टी के समय विशेष सतर्कता.
- मनचलों और असामाजिक तत्वों पर रहेगी नजर.
- संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई की जा सकती है.
- छात्राओं और अभिभावकों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाने की पहल.
अक्सर स्कूल आने-जाने के दौरान छात्राओं को फब्तियों या अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में विद्यालयों के आसपास महिला पुलिसकर्मियों की नियमित मौजूदगी से ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है.
महिला पुलिसकर्मियों को दी गयी है स्कूटी-बाइक
बताया जाता है कि बिहार सरकार की ओर से महिला पुलिसकर्मियों को स्कूटी और बाइक उपलब्ध कराकर गश्ती व्यवस्था को प्रभावी बनाने की पहल की गयी थी. अब इसका असर सुपौल में भी दिखाई देने लगा है. महिला पुलिसकर्मी स्कूलों के आसपास लगातार भ्रमण कर स्थिति पर नजर रख रही हैं.
अभिभावकों को भी मिली राहत
स्थानीय लोगों और स्कूल आने-जाने वाले राहगीरों ने पुलिस की इस पहल को सकारात्मक कदम बताया है. लोगों का कहना है कि विद्यालयों के आसपास पुलिस की सक्रिय मौजूदगी से असामाजिक तत्वों में कानून का भय बढ़ेगा और छात्र-छात्राएं सुरक्षित माहौल में स्कूल आ-जा सकेंगे.
वहीं, अभिभावकों में भी इस पहल को लेकर राहत है. बच्चों के स्कूल जाने से लेकर छुट्टी के बाद घर लौटने तक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रहने से उनकी चिंता कम होने की उम्मीद है. खासकर छात्राओं के अभिभावक इसे सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मान रहे हैं.
कुल मिलाकर, स्कूलों के आसपास शुरू हुई ‘पुलिस दीदी’ की गश्ती सिर्फ निगरानी व्यवस्था मजबूत करने तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाने और मनचलों पर नकेल कसने की दिशा में भी इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.