छह माह तक बच्चों को सिर्फ स्तनपान कराना जरूरी

विश्व स्तनपान सप्ताह पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

विश्व स्तनपान सप्ताह पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित सुपौल. विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर गुरुवार को किशनपुर प्रखंड अंतर्गत राजपुर पंचायत के प्राथमिक विद्यालय परिसर में एक जागरूकता कार्यक्रम और ‘सखी वार्ता’ का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन कार्यालय, सुपौल के तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसकी अध्यक्षता जिला परियोजना प्रबंधक रुपम कुमारी ने की. कार्यक्रम की शुरुआत स्तनपान से संबंधित लघु फिल्म के प्रदर्शन से हुई, जिसमें माताओं को बच्चों को केवल मां का दूध पिलाने के लिए प्रेरित किया गया. इस मौके पर जिला मिशन समन्वयक हरिनारायण कुमार ने बताया कि बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए जन्म के तुरंत बाद मां का पहला गाढ़ा दूध अमृत के समान होता है. छह माह तक बच्चों को सिर्फ स्तनपान कराना चाहिए. उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के बारे में भी जानकारी दी, जिसके तहत प्रथम गर्भवती महिलाओं को दो किश्तों में 5000 प्रोत्साहन राशि दी जाती है. दूसरी संतान बेटी होने पर 6000 की एकमुश्त सहायता राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से माताओं के खाते में दी जाती है. लैंगिक विशेषज्ञ श्रीमती नीतू कुमारी ने महिला सशक्तिकरण, लिंग आधारित भेदभाव, कन्या भ्रूण हत्या और बाल विवाह जैसे विषयों पर गहन चर्चा की. उन्होंने कहा कि समाज में बेटियों को बराबरी का अधिकार दिलाने के लिए जन-जागरूकता आवश्यक है. हमें बेटियों को बोझ नहीं, बल्कि भविष्य की आधारशिला समझनी चाहिए. कार्यक्रम में उपस्थित लैंगिक विशेषज्ञ मो तारिक सिद्दीकी ने भी महिला सशक्तिकरण से संबंधित विभिन्न योजनाओं की जानकारी साझा की. कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही रुपम कुमारी ने समापन भाषण में महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षण और सशक्तिकरण के मुद्दों पर विशेष रूप से चर्चा की और उपस्थित जनसमूह से अपील की कि वे इन विषयों पर गंभीरता से सोचें और अपने-अपने समाज में बदलाव की पहल करें. मौके भारी संख्या में लोग मौजूद थे.

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