कोरोना काल में राखी व्यवसाय पर दिखा असर, नहीं बिक रही राखियां

कोरोना काल में राखी व्यवसाय पर दिखा असर, नहीं बिक रही राखियां

राघोपुर रक्षाबंधन त्योहार को लेकर खरीदारी तो शुरू हो गई है, लेकिन कोरोना महामारी को लेकर बाजार में छिटपुट खरीदारी देखने को मिली. हालांकि 1 अगस्त से ही बाजारों में सभी प्रकार की दुकानें खुलने लगी. फिर भी त्योहारों का मौसम होने के बावजूद कहीं भी भीड़ नहीं दिखी. कोरोना संक्रमण के भय से लोग छिटपुट खरीदारी करते ही नजर आये. राखी दुकानदारों ने बताया कि गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष रक्षाबंधन के खरीदारी हेतु कोई खास उत्साह नहीं देखा जा रहा है और न ही पिछले साल की तरह इस साल बिक्री हो रही है. एकाध ग्राहक आकर खरीदारी कर चले जाते हैं. पूजन विधिसावन मास की पूर्णिमा को मनाई जाने वाली भाई बहन के अटूट प्रेम का पर्व रक्षाबंधन के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए आचार्य पंडित धर्मेन्द्र नाथ मिश्र ने बताया कि इस वर्ष रक्षाबंधन सर्वार्थ सिद्धि योग एवं अमृत योग में मनेगा. साथ ही रक्षाबंधन के दिन ही सावन की अंतिम सोमवारी रहने के कारण इसका महत्व और भी बढ़ जाता है. आचार्य श्री मिश्र ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन व्रती को प्रातः काल में स्नानादि करने के बाद देव, पितर, ऋषियों का तर्पण करना चाहिए. इसके पश्चात कलश स्थापना कर कलश पर रक्षा सूत्र रखकर विधि पूर्वक पूजन करने के बाद भाई के दाहिने कलाई पर राखी बांधनी चाहिए. शुभ मुहूर्तसोमवार को प्रातः 8 बजकर 35 मिनट तक भद्रा रहेगा और भद्रा में रक्षाबंधन निषेध रहता है. इसलिए रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त सोमवार को प्रातः 8:45 से लेकर अपराह्न 3:10 तक रहेगा.

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Published by: Prabhat khabar news desk

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