सदर अस्पताल : भवन व संसाधनों के बावजूद स्वास्थ्य सेवाएं बेहाल

सर्जरी विभाग में केवल एक सर्जन

सुपौल. जिले के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने करोड़ों रुपये खर्च कर आधुनिक भवन और संसाधनों की व्यवस्था की है. कागजों पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है. सुपौल सदर अस्पताल की स्थिति आज भी बेहद दयनीय बनी हुई है. स्त्री रोग विशेषज्ञ का अभाव, प्रसव विभाग भगवान भरोसे अस्पताल में प्रतिदिन दर्जनों महिलाएं प्रसव के लिए पहुंचती हैं, लेकिन यहां न तो महिला स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं और न ही महिला सर्जन. फिलहाल प्रसव विभाग की जिम्मेदारी डॉ नूतन वर्मा के पास है, जो अस्पताल की उपाधीक्षक का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रही हैं. ऐसे में प्रसव के दौरान किसी महिला मरीज की स्थिति गंभीर होने पर उसे तुरंत बाहर रेफर कर दिया जाता है. यह स्थिति मरीजों और उनके परिजनों के लिए खतरनाक साबित हो रही है. चिकित्सकों के 36 पदों में 15 खाली सदर अस्पताल में कुल 36 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन केवल 21 डॉक्टर ही कार्यरत हैं. विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी के कारण मरीजों को सही इलाज नहीं मिल पा रहा. वहीं कार्यरत डॉक्टरों पर प्रशासनिक से लेकर ओपीडी और आपात सेवाओं तक की जिम्मेदारियां डाल दी जाती हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं. सर्जरी विभाग में केवल एक सर्जन सर्जरी विभाग की स्थिति और भी गंभीर है. अस्पताल में सिर्फ एक सर्जन, डॉ एसपी सिन्हा कार्यरत हैं. वे एसीएमओ का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे हैं. सवाल यह उठता है कि आपात स्थिति में यदि बड़ी संख्या में मरीज पहुंच जाएं तो क्या अकेले एक सर्जन सभी का इलाज कर पाएंगे? अस्पताल में आधुनिक मशीनें, प्रसव कक्ष और बड़े भवन तो मौजूद हैं, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी के कारण ये सब महज शोभा की वस्तु बनकर रह गए हैं. हालात यह हैं कि मामूली बीमारी वाले मरीजों को भी बाहर रेफर कर दिया जाता है. जिला स्तरीय इस अस्पताल का मुख्य उद्देश्य था कि मरीजों को इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े, लेकिन वर्तमान स्थिति विभागीय दावों की पोल खोल रही है. कहते हैं सीएस सिविल सर्जन डॉ ललन कुमार ठाकुर ने बताया कि अस्पताल में महिला चिकित्सकों की कमी है. वहीं अन्य विभागों में भी डॉक्टरों की काफी कमी है. डॉक्टरों की कमी से विभाग को अवगत कराया गया है. जल्द ही नये डॉक्टरों की प्रतिनियुक्ति जिले में होगी. जिसके बाद सुचारू रूप से सभी रोगों के डॉक्टर अस्पताल में उपलब्ध रहेंगे.

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