बायोगैस प्लांट का डीडीसी ने किया निरीक्षण, जैविक खाद अपनाने का दिया संदेश

उन्होंने कहा कि यह प्रयास न केवल स्वच्छता को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय आजीविका और कृषि उत्पादकता को भी सशक्त बनाएगा

– स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत पायलट प्रोजेक्ट अमहा में बायोगैस प्लांट का स्थायित्व सुनिश्चित करने के निर्देश सुपौल. स्वच्छता एवं सतत ऊर्जा के क्षेत्र में एक नई पहल के तहत उप विकास आयुक्त सारा अशरफ ने स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान (द्वितीय चरण) के अंतर्गत अमहा में निर्मित बायोगैस प्लांट का निरीक्षण किया. यह बायोगैस प्लांट पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कार्य कर रहा है और इसका संचालन सीएलएफ कम्युनिटी लेवल फेडरेशन की जीविका दीदियों द्वारा किया जा रहा है. निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त ने जीविका दीदियों एवं प्रखंड परियोजना प्रबंधक, जीविका से प्लांट के संचालन की स्थिति, चुनौतियों एवं अनुभवों पर फीडबैक प्राप्त किया. उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और समूहों को निर्देश दिया कि बायोगैस प्लांट को स्थायी एवं उपयोगी स्वरूप प्रदान करने हेतु समुचित प्रबंधन व निगरानी सुनिश्चित की जाए. इस अवसर पर उप विकास आयुक्त ने प्लांट से उत्पादित जैविक कम्पोस्ट खाद की खरीदारी भी की, जिससे उन्होंने स्थानीय समुदाय को जैविक खेती एवं प्राकृतिक संसाधनों के प्रयोग के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि यह प्रयास न केवल स्वच्छता को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय आजीविका और कृषि उत्पादकता को भी सशक्त बनाएगा. निरीक्षण के दौरान डीआरडीए निदेशक, लेखा एवं स्वनियोजन पदाधिकारी, एनईपी जिला समन्वयक, प्रखंड परियोजना प्रबंधक (जीविका), जीविका दीदियां व स्थानीय समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे.

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