Supaul News: सुपौल में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को इलाज के साथ साफ-सफाई और बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं, इसे परखने के लिए बुधवार की शाम सिविल सर्जन बाबू साहेब झा अचानक सीएचसी छातापुर पहुंच गये. उनके अचानक निरीक्षण से अस्पताल में मौजूद कर्मियों के बीच हलचल बढ़ गयी.
सिविल सर्जन ने अस्पताल के अलग-अलग हिस्सों का जायजा लिया और खास तौर पर आउटसोर्सिंग एजेंसी की ओर से दी जा रही सेवाओं की बारीकी से जांच की. निरीक्षण के दौरान सीएचसी के बाहरी परिसर में गंदगी और साफ-सफाई व्यवस्था में कमी देखकर उन्होंने नाराजगी जाहिर की और व्यवस्था में तत्काल सुधार के निर्देश दिये.
लेबर वार्ड और इमरजेंसी में भी पहुंचे सीएस
औचक निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन ने लेबर वार्ड और इमरजेंसी वार्ड का जायजा लिया. उन्होंने वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं के साथ स्टाफ की ड्यूटी की भी जानकारी ली.
अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और कर्मियों की कार्यप्रणाली को लेकर भी उन्होंने आवश्यक निर्देश दिये. निरीक्षण का मुख्य फोकस अस्पताल की नियमित सेवाओं के साथ आउटसोर्सिंग व्यवस्था को बेहतर बनाना रहा.
सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ नवीन कुमार और बीएचएम रविंद्र कुमार शर्मा भी निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे.
बेडशीट और मरीजों के कपड़े ठीक से धोने का निर्देश
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के अनुसार, सिविल सर्जन ने नयी आउटसोर्सिंग एजेंसी को लॉन्ड्री की व्यवस्था बेहतर करने का निर्देश दिया है.
अस्पताल में इस्तेमाल होने वाली बेडशीट और अन्य कपड़ों की ठीक से धुलाई सुनिश्चित करने को कहा गया है. निर्देश दिया गया है कि मरीजों को उपलब्ध कराये जाने वाले बेडशीट समेत किसी भी प्रकार के कपड़े साफ और अच्छी तरह धुले हुए होने चाहिए.
सीएस ने आउटसोर्सिंग एजेंसी के संचालक को सीएचसी परिसर में बैठने की जगह सुनिश्चित करने और वहीं से संबंधित सेवाओं का बेहतर संचालन करने का भी निर्देश दिया.
24 घंटे सफाई के लिए तीनों शिफ्ट में कर्मी लगाने का आदेश
निरीक्षण के दौरान अस्पताल की सफाई व्यवस्था भी सिविल सर्जन के निशाने पर रही.
सीएचसी के बाहरी परिसर में फैली गंदगी को लेकर उन्होंने नाराजगी जाहिर की. इसके बाद सफाईकर्मियों की लिस्टिंग कर तीनों शिफ्ट में उनकी ड्यूटी लगाने की हिदायत दी गयी.
उद्देश्य साफ है कि अस्पताल की सफाई व्यवस्था केवल दिन के समय तक सीमित न रहे, बल्कि 24 घंटे साफ-सफाई सुनिश्चित की जा सके.
बाहरी परिसर की सफाई व्यवस्था को भी बेहतर बनाने का निर्देश दिया गया है, ताकि अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को गंदगी का सामना नहीं करना पड़े.
भर्ती मरीजों के भोजन की व्यवस्था संतोषजनक
निरीक्षण के दौरान भर्ती मरीजों को उपलब्ध कराये जा रहे भोजन और अल्पाहार की व्यवस्था को सिविल सर्जन ने संतोषजनक बताया.
अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए भोजन की गुणवत्ता और समय पर उपलब्धता भी स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है. ऐसे में भोजन व्यवस्था को संतोषजनक पाया जाना अस्पताल प्रबंधन के लिए राहत की बात रही.
Supaul News: 16 अगस्त से नयी एजेंसी संभाल रही आउटसोर्सिंग सेवा
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि सीएचसी में पहले काम कर रही आउटसोर्सिंग एजेंसी कृष्णा बागवानी को हटा दिया गया है.
इसके बाद 16 अगस्त से नयी आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से सेवाएं दी जा रही हैं. नयी एजेंसी को ही अस्पताल की सफाई, लॉन्ड्री और संबंधित आउटसोर्सिंग सेवाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित करने की जिम्मेदारी दी गयी है.
सिविल सर्जन के औचक निरीक्षण के बाद अब अस्पताल प्रबंधन और नयी एजेंसी के सामने इन निर्देशों को जमीन पर लागू करने की चुनौती है. खासकर तीनों शिफ्ट में सफाईकर्मियों की उपलब्धता और अस्पताल परिसर की नियमित सफाई पर निगरानी महत्वपूर्ण होगी.
