सुपौल जिले में बाल विकास और मातृ सुरक्षा योजनाओं को धरातल पर सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सोमवार को बाल विकास परियोजना (सुपौल) अंतर्गत नवनिर्मित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 37 का विधिवत उद्घाटन किया गया. केंद्र का उद्घाटन उप विकास आयुक्त (DDC) इन्द्रवीर कुमार, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (DPPO, ICDS) एवं बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया. उद्घाटन के उपरांत आला अधिकारियों ने केंद्र में बच्चों के बैठने, खेल-खेल में सीखने की आधारभूत सुविधाओं, पेयजल, स्वच्छता और पोषाहार वितरण प्रणाली का बारीकी से निरीक्षण किया.
अधिकारियों ने परखी व्यवस्था, स्वच्छता व पोषण पर दिया जोर
उद्घाटन के तुरंत बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने केंद्र की कार्यप्रणाली का जायजा लिया:
- व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण: DDC इन्द्रवीर कुमार और आईसीडीएस डीपीओ ने केंद्र परिसर में बच्चों के लिए उपलब्ध कराई गई बुनियादी सुविधाओं, खिलौनों, चार्ट और साफ-सफाई की व्यवस्था देखी.
- सर्वांगीण विकास पर फोकस: अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिया कि केंद्र पर नामांकित बच्चों के प्रारंभिक मानसिक व शारीरिक विकास के साथ-साथ उनके नियमित स्वास्थ्य परीक्षण में कोई कोताही न बरती जाए.
- गर्भवती-धात्री माताओं की देखभाल: केंद्र के माध्यम से क्षेत्र की गर्भवती व धात्री माताओं को मिलने वाले टीएचआर (सूखा राशन), गर्म पका भोजन और आयरन-कैल्शियम गोलियों के वितरण का नियमित रिकॉर्ड दुरुस्त रखने को कहा.
"आंगनबाड़ी केंद्र ग्रामीण विकास की पहली सीढ़ी": DDC
संबोधन के दौरान उप विकास आयुक्त (DDC) इन्द्रवीर कुमार ने आंगनबाड़ी व्यवस्था के महत्व को रेखांकित किया:
- कुपोषण मुक्त सुपौल का संकल्प: DDC ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल भोजन बांटने की जगह नहीं, बल्कि नौनिहालों की मजबूत नींव तैयार करने का प्राथमिक केंद्र हैं.
- नियमित संचालन अनिवार्य: उन्होंने सेविका और सहायिका को समय पर केंद्र खोलने, बच्चों के लिए अनुकूल व सुरक्षित माहौल बनाए रखने और मेन्यू के अनुसार उच्च गुणवत्ता वाला पौष्टिक भोजन देने का निर्देश दिया.
जनप्रतिनिधियों व कर्मियों की रही सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम के दौरान केंद्र के सफल और पारदर्शी संचालन के लिए जन-सहभागिता पर बल दिया गया:
- उपस्थित प्रमुख लोग: उद्घाटन समारोह में जिला समन्वयक, संबंधित क्षेत्र की महिला पर्यवेक्षिका (LS), आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका, स्थानीय वार्ड सदस्य और पंचायत के जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.
- सामुदायिक सहयोग का भरोसा: स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने केंद्र को मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया.
