आक्रोश. शिक्षकों की समस्या को ले संघ के सदस्य बैठे अनशन पर
शिक्षकों की समस्या के निदान को लेकर बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ गोप गुट के सदस्य समाहरणालय के सामने बुधवार से आमरण अनशन पर बैठ गये.
सुपौल : शिक्षा कार्यालय द्वारा शिक्षकों की समस्या के निदान को लेकर बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ गोप गुट के सदस्य समाहरणालय के सामने बुधवार से आमरण अनशन पर बैठ गये. मालूम हो कि अंतर वेतन बकाया राशि भुगतान को लेकर शिक्षा विभाग द्वारा किया जा रहा टाल-मटोल व वादा खिलाफी के विरुद्ध संघ के जिला कमेटी द्वारा अनिश्चितकालीन अनशन का कार्यक्रम प्रारंभ कर दिया गया है. अनशनकर्ता संघ के जिला सचिव पुष्पराज, विकास कुमार ने कहा कि नियोजित शिक्षकों का जुलाई 2009 से जून 2015 तक का अंतर वेतन बकाया राशि लंबित है.
जिला संघ के शिष्टमंडल द्वारा कई बार ज्ञापन व लोकतांत्रिक तरीके से जिला शिक्षा विभाग, जिला पदाधिकारी, शिक्षा सचिव , प्रधान सचिव, शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री को अवगत कराया जाता रहा. बावजूद इसके उन्हें आश्वासन के अलावे अब तक नतीजा सिफर रहा है.
शिक्षकों के साथ अन्यायपूर्ण रवैया : जिला सचिव पुष्पराज ने बताया कि छातापुर के प्रखंड अध्यक्ष अशोक कुमार चौधरी द्वारा अंतर वेतन बकाया राशि भुगतान को लेकर 14 फरवरी 2017 से आमरण अनशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जहां अनशन के पांचवें दिन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी(स्थापना) अमरभूषण ने छातापुर विधायक नीरज कुमार बबलू के समक्ष अनशनकर्ता से तत्काल ही पूर्ण बकाया राशि भुगतान कर देने का आश्वासन देकर आमरण अनशन को समाप्त करवाया. लेकिन 20 फरवरी 2017 तक एक भी शिक्षकों का बकाया राशि भुगतान नहीं किया गया. जो डीपीओ (स्थापना) द्वारा अनशनकर्ता को दिये आश्वासन के विपरीत है. इसी संदर्भ में जिला संघ ने अपने ज्ञापांक 19 दिनांक 19 फरवरी 2017 से सभी पदाधिकारियों को अवगत कराया गया. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी के इस प्रकार की कार्यशैली को लेकर निर्मली के विधायक अनिरूद्ध प्रसाद यादव ने भी दूरभाष के माध्यम से जिला कार्यक्रम पदाधिकारी से बातचीत की. इसके बावजूद भी शिक्षकों का अंतर वेतन भुगतान नहीं किया जाना विभाग की लापरवाही एवं शिक्षकों के साथ अन्यायपूर्ण रवैया को दर्शाता है. इस हेतु जिला संघ द्वारा 22 फरवरी से अंतर बकाया वेतन भुगतान तक अनशन कार्यक्रम रखा गया. अनशनकारियों के समर्थन में जिलाध्यक्ष विवेकानंद दास, रूपेश, कृष्ण कुमार भारती, विद्यानंद, रामचंद्र पासवान, प्रमोद पासवान, पंकज प्रभात, अभिमन्यु झा, विवेकानंद, अजीत नाथ झा, धीरज कुमार, अर्चना आदि शिक्षक उपस्थित थे.
