हड़कंप. डीएम ने लिया सदर अस्पताल का जायजा
सदर अस्पताल के औचक निरीक्षण में डीएम ने कई खामियां पकड़ी. व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों के वेतन पर रोक लगा दी जायेगी.
सुपौल : जिलाधिकारी बैद्यनाथ यादव ने रविवार को सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया. इस क्रम में अस्पताल के लगभग सभी हिस्सों में गंदगी व्याप्त थी. जिस पर डीएम बिफर पड़े. उन्होंने अधिकारियों को शीघ्र सफाई की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. इसके अलावा अन्य कुव्यवस्थाओं को दूर करने के लिये भी 17 फरवरी की मियाद तय की गयी. डीएम ने कहा कि 17 फरवरी तक अगर व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित सभी अधिकारियों के वेतन पर रोक लगा दी जायेगी. डीएम ने निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में अवस्थित सभी पुराने व जर्जर भवनों को ध्वस्त कर परिसर खाली कराने का निर्देश दिया. वहीं बायोमेडिकल कचड़ा सहित कबाड़ की चीजों को निलाम करने का आदेश दिया गया.
उन्होंने दीवार की ऊंचाई बढ़ाने तथा अंधेरे वाले इलाकों में समुचित लाइट की व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया. भवन निर्माण विभाग के कनीय अभियंता को डीएम ने स्पष्ट किया कि फरवरी माह तक काम नहीं होने पर उनके वेतन पर रोक लगा दी जायेगी. वहीं कचड़ा व कबाड़ निलामी के बावत कार्रवाई सुनिश्चित नहीं होने पर सिविल सर्जन कार्यालय के सभी अधिकारी व कर्मियों के वेतन पर रोक लगाने की बात कही गयी. निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन डॉ रामेश्वर साफी, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील मिश्रा, सदर थानाध्यक्ष राजेश्वर सिंह, डीएस डॉ एनके चौधरी आिद मौजूद थे.
पोस्टमार्टम हाउस के समीप जवान रहेंगे तैनात
डीएम ने अस्पताल परिसर की पिछले इलाकों का भी जायजा लिया. इस क्रम में दीवार पर बनी कुछ सीढ़ियों को भी ध्वस्त करने का आदेश दिया गया. यहां तक कि डीएम ने विभागीय अधिकारियों को पोस्टमार्टम हाउस के समीप होमगार्ड जवान की तैनाती का निर्देश दिया. कहा कि दीवार फांद कर अथवा सीढ़ियों के रास्ते अस्पताल परिसर में प्रवेश करने वालों को चिह्नित किया जाय. साथ ही उनके विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज करायी जाय.
