शिक्षा विभाग में चल रहा फर्जी कार्यालय !

सुपौल: फर्जी डिग्री, फर्जी पदाधिकारी एवं कर्मचारी की नियुक्ति की बातें सामने आती रही हैं, लेकिन जब बिहार सरकार का कार्यालय ही फर्जी हो, तो आश्चर्य होना स्वाभाविक है. जिला मुख्यालय में संचालित मध्याह्न् भोजन योजना कार्यालय इस बात को लेकर काफी चर्चा में है. इस कार्यालय का सरकार अथवा प्रशासनिक स्तर पर कोई अस्तित्व […]

सुपौल: फर्जी डिग्री, फर्जी पदाधिकारी एवं कर्मचारी की नियुक्ति की बातें सामने आती रही हैं, लेकिन जब बिहार सरकार का कार्यालय ही फर्जी हो, तो आश्चर्य होना स्वाभाविक है. जिला मुख्यालय में संचालित मध्याह्न् भोजन योजना कार्यालय इस बात को लेकर काफी चर्चा में है. इस कार्यालय का सरकार अथवा प्रशासनिक स्तर पर कोई अस्तित्व ही नहीं है. पर, जिला मुख्यालय में यह कार्यालय महीनों से संचालित है और तमाम वरीय अधिकारी इसके गवाह भी हैं.

इस फर्जी कार्यालय के संचालक कोई आम लोग नहीं, बल्कि जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में पदस्थापित जिला कार्यक्रम पदाधिकारी हैं. इसका खुलासा पब्लिक विजिलेंस कमेटी के सचिव अनिल कुमार सिंह ने करते हुए डीएम सहित अन्य पदाधिकारियों को फर्जी कार्यालय की जानकारी देते हुए कार्रवाई का अनुरोध किया है. बिहार सरकार के मानव संसाधन विकास विभाग ने विभागीय संकल्प संख्या 788 दिनांक 15 जून 2011 द्वारा बिहार शिक्षा सेवा का पुनर्गठन किया. इसके तहत जिला स्तर पर शिक्षा विभाग को एकीकृत किया गया. जिला स्तर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी की नियुक्ति की गयी. वहीं पूरे विभाग के मॉनिटरिंग की जिम्मेवारी भी डीइओ को सौंपी गयी. वे जिला स्तरीय शिक्षा विभाग के सभी पदाधिकारियों एवं कर्मी के नियंत्री पदाधिकारी भी बनाये गये.लेकिन विभाग के अंदर किसी अन्य विभाग की चर्चा पुनर्गठन में नहीं की गयी.डीइओ के नीचे जिला कार्यक्रम पदाधिकारी एवं उसके नीचे कार्यक्रम पदाधिकारी का पद सृजित किया गया. सभी के कार्य व दायित्व का भी बंटवारा कर दिया गया है. इस प्रकार स्पष्ट है कि शिक्षा विभाग कार्यालय के अंदर अन्य किसी कार्यालय का अस्तित्व नहीं है. कार्यालय जिला शिक्षा पदाधिकारी का ही है और शेष सभी उप विभाग उसी कार्यालय के अधीन संचालित है.

कहते हैं डीइओ

डीइओ मो जाहिद हुसैन ने कहा कि मीड डे मील हमारे कार्यालय का एक संभाग है. फर्जी कार्यालय के संबंध में जानकारी नहीं है. शिकायत मिलने के बाद जांच कर कार्रवाई की जायेगी.

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