फोटो-06,07,08,09,10कैप्सन- पुनर्वास कार्यालय, लघु सिंचाई विभाग कार्यालय, प्रखंड कार्यालय, उप डाक घर, प्रतिनिधि,सुपौल जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय भवन की स्थिति तो बेहतर है, लेकिन समाहरणालय परिसर से बाहर स्थित कई कार्यालय जर्जर भवन में संचालित है. विडंबना यह है कि भूकंप के दृष्टिकोण से अति संवेदन शील क्षेत्र रहने के बावजूद इन जर्जर भवनों की मरम्मत नहीं की जा रही है. जिला मुख्यालय में कोसी कॉलोनी स्थित पुनर्वास कार्यालय का भवन खास्ता हाल है. यह भवन 1954 में बना था. शनिवार को जब पहली बार भूकंप आया तो इसकी एक दीवार क्षतिग्रस्त हो गयी. इसमें चार कुरसी व एक टेबुल टूट गया. पुनर्वास पदाधिकारी जवाहर प्रसाद मेहता ने बताया कि भवन मरम्मत के लिए कई बार अधिकारियों को पत्र भेजा गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. कोसी कॉलोनी में ही जल संसाधन विभाग का कार्यालय है. इसका हाल इतना जर्जर है कि इसके कर्मी भूकंप के बाद से इसमें बैठने से कतराने लगे हैं. वहीं खरैल स्थित उप डाक घर की हालत ऐसी है कि कभी भी भवन जमींदोज हो सकता है. ब्रांच पोस्ट मास्टर मो हासिम ने बताया कि इस भवन मे ग्राहक भी आने से कतराते हैं. कई बार विभाग को लिख चुका हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है. कुछ ऐसी हीं स्थिति सदर प्रखंड कार्यालय की है, जिसका अधिकांश भवन जर्जर हो चुका है. लेकिन इसकी मरम्मत नहीं करायी जा रही है.
जर्जर भवन में संचालित है कई कार्यालय
फोटो-06,07,08,09,10कैप्सन- पुनर्वास कार्यालय, लघु सिंचाई विभाग कार्यालय, प्रखंड कार्यालय, उप डाक घर, प्रतिनिधि,सुपौल जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय भवन की स्थिति तो बेहतर है, लेकिन समाहरणालय परिसर से बाहर स्थित कई कार्यालय जर्जर भवन में संचालित है. विडंबना यह है कि भूकंप के दृष्टिकोण से अति संवेदन शील क्षेत्र रहने के बावजूद इन जर्जर भवनों की […]
