राघोपुर . तेज हवा के साथ असमय हुई बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. एक ओर जहां गेहूं के बीज के दगा देने और यूरिया की किल्लत से गेहूं का फसल प्रभावित हुआ, वहीं बारिश से मूंग, मक्का, जूट, प्याज आदि फसलों को व्यापक क्षति पहुंची है.
गेहूं के कम उपज होने से निराश किसानों ने कर्ज लेकर इन फसलों की खेती इस उम्मीद से की थी कि अच्छे पैदावार के बाद महाजन को कर्ज अदा कर देंगे. लेकिन असमय हुई बारिश ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया.
कृषि विज्ञान केंद्र राघोपुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ मनोज कुमार की मानें तो वर्षा के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है और आद्रता में वृद्धि, जो मक्का की फसल के लिए नुकसानदेह है. वर्तमान समय में मक्का में दाना बनने की प्रक्रिया चल रही है. आद्रता बढ़ने व तापमान में गिरावट के कारण दाना बनने की प्रक्रिया प्रभावित होती है, जिसका असर उत्पादन पर पड़ सकता है. उन्होंने बताया कि सल्फरयुक्त फफूंद नाशक एवं इडिया क्लोरोप्रीड नामक दवा के छिड़काव से झुलसा रोग पर नियंत्रण पाया जा सकता है.
