16 फीसदी धन राशि चढ़ती है आग की भेंट

फोटो -9, 10कैप्सन- जानकारी देते अग्निशमन पदाधिकारी व उपस्थित बच्चे प्रतिनिधि, सुपौलअग्नि शमन सेवा सप्ताह के समापन के अवसर पर सोमवार को जिला मुख्यालय स्थित आरएसएम पब्लिक स्कूल में अग्नि शमन विभाग द्वारा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस मौके पर विभाग द्वारा स्कूली बच्चों को आग बुझाने के गुर सिखाये गये और क्षति […]

फोटो -9, 10कैप्सन- जानकारी देते अग्निशमन पदाधिकारी व उपस्थित बच्चे प्रतिनिधि, सुपौलअग्नि शमन सेवा सप्ताह के समापन के अवसर पर सोमवार को जिला मुख्यालय स्थित आरएसएम पब्लिक स्कूल में अग्नि शमन विभाग द्वारा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस मौके पर विभाग द्वारा स्कूली बच्चों को आग बुझाने के गुर सिखाये गये और क्षति कम करने के उपाय भी बताये गये.स्कूली बच्चों को संबोधित करते हुए जिला अग्निशमन प्रभारी देवेंद्र कुमार वर्मा ने कहा कि आग एक रासायनिक प्रक्रिया है. आग लगने के तीन कारण हैं और उसके बुझाने के भी तीन तरीके हैं. आग पर नियंत्रण के लिए ठंडा करने, ढ़कने व डंडा से पीटने की प्रक्रिया अपनायी जाती है. बताया कि आग बुझाने का उद्देश्य क्षति को कम करना होता है. श्री वर्मा ने बताया कि प्रति वर्ष देश की 16 फीसदी धन राशि आग की भेंट चढ़ जाती है. वहीं अगलगी की एक बड़ी वजह गैस सिलिंडर है. सिलिंडर से आग फैलने पर कीचड़ से सना बोरा सिलिंडर पर डालना चाहिए. इससे गैस की आग पर त्वरित काबू पाया जा सकता है.श्री वर्मा ने बताया कि जलती हुई सिगरेट व बीड़ी की तीली की वजह से 16 फीसदी अग्निकांड होते हैं. इसके अलावा 18 फीसदी अग्निकांडों का कारण बिजली है. उन्होंने कहा कि सतर्कता से हद तक अगलगी की घटनाओं पर नियंत्रण पाया जा सकता है. इस मौके पर विद्यालय के प्राचार्य डॉ वीसी मिश्रा, मो बदीउज्जमा आदि उपस्थित थे.

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