जिला सम्मेलन में सरकार की नीतियों का किया गया विरोध
सुपौल : अग्रगामी निर्माण कर्मचारी कामगार संघ का प्रथम जिला सम्मेलन स्थानीय व्यापार संघ सभा भवन में आयोजित किया गया. सम्मेलन की अध्यक्षता मो रियाज, प्रमोद राम एवं देव नंदन मुखिया की अध्यक्ष मंडली ने किया. जबकि सम्मेलन का उद्घाटन एनपीसीडब्लू के राष्ट्रीय महामंत्री अनिल शर्मा के द्वारा किया गया. उद्घाटन भाषण में निर्माण श्रमिकों […]
सुपौल : अग्रगामी निर्माण कर्मचारी कामगार संघ का प्रथम जिला सम्मेलन स्थानीय व्यापार संघ सभा भवन में आयोजित किया गया. सम्मेलन की अध्यक्षता मो रियाज, प्रमोद राम एवं देव नंदन मुखिया की अध्यक्ष मंडली ने किया. जबकि सम्मेलन का उद्घाटन एनपीसीडब्लू के राष्ट्रीय महामंत्री अनिल शर्मा के द्वारा किया गया. उद्घाटन भाषण में निर्माण श्रमिकों को संबोधित करते हुए महामंत्री श्री शर्मा ने कहा कि राज्य और केंद्र की सरकार पूरी तरह से कॉर्पोरेट एवं उद्योगपतियों के दबाव में मजदूरों के हित में बने कानूनों को समाप्त करने पर तुली हुई है. उच्चतम न्यायालय द्वारा लगातार मजदूरों के पक्ष में दिये जा रहे फैसलों को
नजर अंदाज कर फिक्स टर्म नियोजन के द्वारा मजदूरों को आधुनिक गुलाम बनाने की साजिश की जा रही है. सभी श्रमिक ट्रेड यूनियनों ने इसका पुरजोर विरोध किया है. उन्होंने तमाम श्रमिकों, कर्मचारियों एवं जनतंत्र प्रेमी लोगों से अपील की है कि इसका मजबूती के साथ प्रतिरोध करें. जिससे सरकार को इसे वापस लेने पर मजबूर होना पड़े. श्री शर्मा ने कहा कि निर्माण श्रमिकों के हित में बने कानून के तहत कल्याण बोर्ड की स्थापना की गयी है. जिसमें सेस के करोड़ों रूपये बोर्ड में जमा हैं. राज्य सरकार श्रमिक संघों की भूमिका को अलग-थलग कर बिचौलिया को प्रश्रय दे रही है. मजदूर आंदोलन के माध्यम से इसका विरोध किया जायेगा.
मजदूर हो रहे हैं परेशान
सम्मेलन के मुख्य अतिथि सह टीयूसीसी राज्य उपाध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने अपने संबोधन में राज्य और केंद्र की सरकार को पूंजिपतियों के पक्ष में बताया. कहा सरकार मजदूरों का अधिकार खत्म करना चाहती है. जिसका पूरी ताकत से विरोध किया जायेगा. मधेपुरा जिला सचिव गोविंद शर्मा ने कहा कि निर्माण श्रमिक के हित में बने कानून का लाभ नहीं मिल रहा है. कल्याण बोर्ड द्वारा रोज नये आदेश जारी कर मजदूरों को परेशान किया जा रहा है. इसके विरोध में संघर्ष किया जायेगा. सम्मेलन में जिला सचिव ओम प्रकाश कुमार ने प्रतिवेदन रखा. जिसे सर्व सम्मति से सम्मेलन द्वारा पारित किया गया. इस अवसर पर बेचन मंडल, मोमान अख्तर, यदुनंदन मुखिया, अमर लाल सरदार, बेचनी देवी, ध्यानी शर्मा, सदानंद शर्मा, बाल मुकुंद ठाकुर, रामदेव ठाकुर, मो युसुफ, मो हकनवाज, रंधीर कुमार, जलधारी सुतिहार, सुभाष कुमार, शिव प्रसाद शर्मा, कमलेश आिद मौजूद थे.