चिकित्सक के खिलाफ आक्रोश, किया जाम

सुपौल : लोहिया नगर चौक पर स्थित शिव क्लिनिक में एक मरीज की एक सप्ताह पहले जान चली गयी थी. जिसको लेकर मृतक के परिजन द्वारा डॉक्टर के क्लिनिक को फिर चलते देखा तो शनिवार को परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा. देखते ही देखते डॉक्टर को क्लिनिक के अंदर ही बंद कर दिया और उसके […]

सुपौल : लोहिया नगर चौक पर स्थित शिव क्लिनिक में एक मरीज की एक सप्ताह पहले जान चली गयी थी. जिसको लेकर मृतक के परिजन द्वारा डॉक्टर के क्लिनिक को फिर चलते देखा तो शनिवार को परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा. देखते ही देखते डॉक्टर को क्लिनिक के अंदर ही बंद कर दिया और उसके बाद डॉक्टर एवं सिविल सर्जन के खिलाफ सड़क पर आगजनी कर नारेबाजी की जाने लगी.

तत्पश्चात सड़क जाम कर आक्रोश का इजहार किया. हालांकि कुछ ही देर के बाद सदर पुलिस द्वारा समझाने-बुझाने के बाद आक्रोशित परिजन मान गये. मालूम हो कि लगभग एक सप्ताह पहले किसनपुर थाना के महीपट्टी गांव में बस से दुर्घटना हो गई थी जहां सदर अस्पताल में इलाज के दौरान चिकित्सकों ने उसे बाहर रेफर कर दिया था. किंतु रास्ते में शिव हॉस्पिटल के डॉक्टर रमेश कुमार ने रोक दिया और ठीक कर देने की बात कही थी. लेकिन मरीज की चिकित्सा के दौरान मौत हो गयी थी.

सूत्र बताते हैं कि डॉक्टर रमेश कुमार होमियोपैथी के डॉक्टर है न कि एमबीबीएस क्लिनिक पर डॉ रमेश ने डॉ बी कुमार एवं डॉ पीके यादव, एमबीबीएस सिविल चिकित्सा पदाधिकारी सदर प्रखंड, सुपौल का नेमप्लेट लगा रखा है. जो मरीज को गुमराह कर रहा है. परिजनों ने बताया कि तथाकथित चिकित्सक रमेश कुमार की डिग्री की जांच होनी चाहिये. अन्यथा कई लोगों को बिना समय मौत के मुंह में जाना पड़ेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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