सुपौल : मंडल कारा सुपौल में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से सोमवार को अलौकिक रक्षाबंधन समारोह का आयोजन किया गया. मौके पर सेवा केंद्र संचालिका बीके शालिनी ने कहा कि जो व्यक्ति हर पल दुख का रोना रोता है, सुख उसके दरवाजे से ही लौट जाता है. सुख दो प्रकार के होते है, आंतरिक सुख और बाह्य सुख. हर मनुष्य को अपने कर्मों का फल भुगतना पड़ता है. इसलिए कहा जाता है कर्म ही पूजा है. मनुष्य को सदा सर्वश्रेष्ठ कर्म करना चाहिये.
बेहतर कर्म करने वाले जीवात्मा सदा पूजनीय होते हैं. हर इंसान को अपने में मनन करना चाहिये. समस्त संसार एक परिवार है. हमलोग ईश्वर के ही संतान है. लोहिया यूथ ब्रिगेड के प्रदेश संयोजक डॉ अमन कुमार ने कहा कि भाई बहन के अटूट रिश्ता का महापर्व है रक्षाबंधन. बिचारों से दुनियां बदलती है. विचार का रिश्ता खून से भी गाढ़ा होता है. इंसान सांप्रदायिकता, सत्ता, जाति, अकूत संपत्ति और शराब, गांजा, भांग, अफीम आदि नशा के कारण ही अपराध कर रहें है. जिस कारण रिश्ता तार-तार हो रहा है. जिसका जन्म हुआ है मृत्यु भी अवश्य होना तय है.
