Siwan News: जिले के दरौंदा प्रखंड अंतर्गत सभी प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में वर्ष 2015 तक बहाल हुए नियोजित शिक्षकों के शैक्षणिक एवं प्रशैक्षणिक प्रमाण-पत्रों की जांच को लेकर शिक्षा विभाग ने पूरी तरह सख्ती बरतनी शुरू कर दी है. प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO), दरौंदा ने प्रखंड के सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों एवं प्रधान शिक्षकों को इस संबंध में कड़ा आधिकारिक निर्देश जारी किया है. विभाग के इस ताजा आदेश के बाद संबंधित विद्यालयों और शिक्षकों में हड़कंप का माहौल है.
पटना हाईकोर्ट के आदेश और निगरानी ब्यूरो के पत्र के आलोक में कार्रवाई
जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह जांच पटना उच्च न्यायालय में दायर वाद सीडब्ल्यूजेसी (CWJC) संख्या 15469/2014 के परिप्रेक्ष्य में की जा रही है. इस मामले में पुलिस उपाधीक्षक-सह-सहायक जांचकर्ता, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना तथा जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), सीवान द्वारा निर्गत पत्रों के आधार पर वर्ष 2015 तक नियोजित शिक्षकों के सभी अभिलेखों का सत्यापन अनिवार्य किया गया है. निगरानी जांच को पारदर्शी और गति देने के लिए नियोजन के समय प्रस्तुत किए गए सभी प्रमाण-पत्रों की सत्यापित फोल्डर फाइल तलब की गई है.
16 सितंबर तक हर हाल में जमा करना होगा सत्यापित फोल्डर
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने सभी हेडमास्टरों को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए निर्देश दिया है कि:
- स्पष्ट व पठनीय प्रति: शिक्षकों के नियोजन में इस्तेमाल किए गए शैक्षणिक (मैट्रिक, इंटर, स्नातक आदि) और प्रशैक्षणिक (डीएलएड, बीएड आदि) प्रमाण-पत्रों की साफ और पठनीय छायाप्रति ही मान्य होगी.
- सत्यापित फोल्डर: संबंधित विद्यालय प्रधान अपने स्तर से सभी दस्तावेजों को विधिवत अभिप्रमाणित (सत्यापित) कर अलग फोल्डर तैयार करेंगे.
- अंतिम समय-सीमा: सभी सत्यापित फोल्डरों को 16 सितंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से प्रखंड शिक्षा कार्यालय, दरौंदा में जमा कराना होगा.
फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने की कवायद, लापरवाही पर नपेगी जिम्मेदारी
विभाग का मुख्य उद्देश्य नियोजन प्रक्रिया के दौरान जमा किए गए प्रमाण-पत्रों का संबंधित बोर्ड और विश्वविद्यालयों से मिलान कर निगरानी ब्यूरो को सटीक रिपोर्ट सौंपना है. बीईओ कार्यालय ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि तय समय-सीमा के भीतर कागजात जमा नहीं करने या किसी भी प्रकार की हीला-हवाली पाए जाने पर इसे उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना माना जाएगा और संबंधित विद्यालय प्रधान के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी.
