Siwan Agriculture News: जिले के बड़हरिया प्रखंड अंतर्गत पकड़ी पंचायत के गौसीहाता गांव में आत्मनिर्भर दलहन योजना के तहत अरहर की खेती विषय पर द्वितीय सत्र प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम की देखरेख सहायक तकनीकी प्रबंधक (एटीएम) सतीश सिंह ने की. इस दौरान उपस्थित किसानों को अरहर की फसल में विभिन्न चरणों में लगने वाले हानिकारक कीटों एवं फफूंदजनित रोगों की पहचान तथा उनके समयबद्ध जैविक व रासायनिक प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी गई.
वैज्ञानिक खेती और प्रत्यक्षण का निरीक्षण
एटीएम सतीश सिंह ने आत्मा योजना के अंतर्गत गांव में लगाए गए अरहर फसल प्रत्यक्षण (डेमोस्ट्रेशन प्लॉट) का स्थलीय निरीक्षण किया. उन्होंने किसानों को पारंपरिक तरीकों के स्थान पर आधुनिक व वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया, जिससे कम लागत में दलहन उत्पादन और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सके.
फर्टिलाइजर ऐप से ऑनलाइन आवेदन
प्रशिक्षण सत्र के दौरान किसानों को खाद की सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 'फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल ऐप' की कार्यप्रणाली समझाई गई. अधिकारियों ने मौके पर ही मौजूद किसानों से उर्वरक खरीद हेतु ऑनलाइन आवेदन भी भरवाए. इसके अतिरिक्त, सामूहिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषक हित समूह (FIG) के गठन की प्रक्रिया और उससे मिलने वाले वित्तीय व तकनीकी लाभों पर विस्तार से चर्चा की गई.
कृषि यंत्रीकरण व वर्मी बेड योजना
किसानों को कृषि यंत्रीकरण योजना 2026 के अंतर्गत आधुनिक कृषि यंत्रों पर मिलने वाले सरकारी अनुदान और आवेदन प्रक्रिया से अवगत कराया गया. साथ ही जैविक खेती को रफ्तार देने के लिए पक्का वर्मी बेड योजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अधिकारियों ने कहा, "किसान सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर आधुनिक कृषि यंत्रों और जैविक खाद का उपयोग बढ़ाएं, ताकि मिट्टी की उर्वरता बनी रहे और फसल की बेहतर पैदावार सुनिश्चित हो सके."
इस मौके पर बीडीसी सदस्य मो. इसरायल, पूर्व सरपंच इबरार अहमद, किसान सिकंदर अली, शाहिद हुसैन, मुजाहिद हुसैन, विजय कुमार, साबिर अली, मो. जाहिद, रुकुमुद्दीन, इसरत अली और मो. अफरोज आलम सहित कई किसान उपस्थित रहे.
