सफाईकर्मियों की हड़ताल समाप्त, शुरू हुई सफाई

नगर परिषद सीवान के सफाई कर्मियों एवं कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन शुक्रवार को समाप्त हो गयी. दूसरे दिन सफाई कर्मियों के उग्र विरोध प्रदर्शन के आगे जिला प्रशासन को झुकना पड़ा और उनकी मांगे माननी पड़ी.

सीवान. नगर परिषद सीवान के सफाई कर्मियों एवं कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन शुक्रवार को समाप्त हो गयी. दूसरे दिन सफाई कर्मियों के उग्र विरोध प्रदर्शन के आगे जिला प्रशासन को झुकना पड़ा और उनकी मांगे माननी पड़ी. बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ (ऐक्टू) के बैनर तले अनिश्चितकालीन हड़ताल पर सफई कर्मी व कर्मचारी गुरुवार से चले गए थे. इधर दो दिनों तक चले आंदोलन से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी थी. विभिन्न मोहल्लों, बाजारों और चौक-चौराहों पर कूड़े का अंबार लग गया था. शुक्रवार को हड़ताल के दौरान नप कार्यालय के मुख्य गेट पर सफाई कर्मियों ने कूड़ा-कचरा जमा कर विरोध प्रदर्शन किया गया, जानवर का शव टांगकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. इससे पूरे इलाके में दुर्गंध फैल गयी और आसपास के लोग परेशान गए. दोपहर बाद सदर अनुमंडल पदाधिकारी आशुतोष कुमार गुप्ता के कार्यालय में यूनियन नेताओं और प्रशासन के बीच वार्ता हुई. जहां जिला प्रशासन को झुकना पड़ा और वार्ता में कई मांगों पर सहमति बनने के बाद यूनियन ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी. समझौते के दौरान यूनियन नेता अमित कुमार गौड़ व जीरादेई के पूर्व विधायक सहित सफाई कर्मियों का प्रतिनिधिमंडल मौजूद रहा. प्रशासन की ओर से कर्मियों की कई मांगों पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया गया. हड़ताल के कारण दूसरे दिन भी शहर में कहीं भी नियमित कूड़ा उठाव नहीं हो सका. मुहल्लों में कूड़े के ढेर से दुर्गंध फैलने लगी थी और संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गयी थी. लोग नगर परिषद की सफाई व्यवस्था को लेकर नाराज दिखे. सफाई कर्मियों ने शहर में मार्च निकाल किया प्रदर्शन- शुक्रवार की सुबह सफाई कर्मियों ने शहर में मार्च निकालकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया. इसके बाद सभी कर्मी नगर परिषद कार्यालय पहुंचे और मुख्य गेट पर कूड़ा का अंबार लगा दिया. जरूरी कार्य से पहुंचे कई लोग बिना काम कराये वापस लौट गये. हड़ताल का नेतृत्व कर रहे बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ (ऐक्टू) के राज्य सचिव अमित कुमार ने कहा कि नगर परिषद कर्मियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है. सफाई कार्य करने के बावजूद उन्हें सुरक्षा उपकरण और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं करायी जाती हैं. कई कर्मी वर्षों से अस्थायी रूप से कार्य कर रहे हैं, लेकिन उनकी सेवा स्थायी नहीं की गयी है. कहा कि प्रशासन की लगातार उपेक्षा के कारण कर्मियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा. सिटी मैनेजर और सफाई कर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक- इसी बीच हड़ताल के दौरान शहर के बड़ी मस्जिद के पास कचरा उठाव कराने पहुंचे सिटी मैनेजर ओमप्रकाश का सफाई कर्मियों ने विरोध किया. नगर परिषद प्रशासन की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कचरा उठाने का प्रयास किया जा रहा था. इसकी जानकारी मिलते ही हड़ताल पर बैठे कर्मी मौके पर पहुंच गये और इसका विरोध शुरू कर दिया. इस दौरान सिटी मैनेजर और सफाई कर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो बाद में धक्का-मुक्की तक पहुंच गयी. मृत जानवर के कारण पूरे परिसर में दुर्गंध फैल गयी- हड़ताल के दौरान नगर परिषद कार्यालय के मुख्य गेट पर मृत जानवर टांगकर किये गये प्रदर्शन ने पूरे शहर में चर्चा का विषय बना दिया. मृत जानवर के कारण पूरे परिसर में तेज दुर्गंध फैल गयी थी. आसपास के दुकानदारों, राहगीरों और स्थानीय लोगों को काफी कठिनाई हुई. दुर्गंध इतनी अधिक थी कि वहां खड़ा होना भी मुश्किल हो गया था. कई स्थानीय लोगों ने इस तरीके को अनुचित बताते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की.

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By DEEPAK MISHRA

DEEPAK MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

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