प्रतिनिधि,सीवान.सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में दो अत्यंत आवश्यक जांच किट एचबीएसएजी और एचसीवी एलिसा के अभाव में शनिवार को अचानक पूरा कामकाज ठप हो गया. डोनर उपलब्ध होने के बावजूद जरूरतमंद मरीजों को समय पर खून नहीं मिल सका और उनके परिजन घंटों ब्लड बैंक के बाहर इंतजार करते रहे.स्थिति की गंभीरता तब सामने आई, जब नोडल पदाधिकारी डॉ. अनूप दुबे दोपहर करीब 12 बजे जिला औषधि गोदाम से दोनों प्रकार की जांच किट के 20-20 पॉकेट लेकर ब्लड बैंक लाए. इसके बाद जांच प्रक्रिया शुरू हुई, एक यूनिट ब्लड की जांच में दो से तीन घंटे लगने के कारण मरीजों के परिजनों की परेशानी कम नहीं हुई. पिछले छह माह से बीएमएसआइसीएल द्वारा सदर अस्पताल ब्लड बैंक को एचबीएसएजी और एचसीवी एलिसा जांच किट की आपूर्ति नहीं की जा रही थी.मजबूरी में ब्लड बैंक स्थानीय स्तर पर किट खरीदकर किसी तरह काम चला रहा था, लेकिन करीब एक सप्ताह पहले स्थानीय खरीद भी बंद हो गई. नतीजा यह हुआ कि जांच किए हुए ब्लड को एक्सचेंज कर दिया गया और बिना जांच किए गए लगभग 150 यूनिट ब्लड जमा ही रह गए. शनिवार को जब मरीजों के परिजन ब्लड लेने पहुंचे, तो उन्हें यह कहकर लौटा दिया गया कि जांच करने वाली मशीन खराब है. जबकि सच्चाई यह थी कि आवश्यक एलिसा जांच किट उपलब्ध नहीं थी.यही कारण है कि ई-रक्तकोष ऐप पर सुबह पौने 11 बजे मात्र 28 यूनिट ब्लड ही दर्शाया जा रहा था, जबकि ब्लड बैंक में वास्तविक रूप से करीब 176 यूनिट ब्लड मौजूद था.डोनर होने के बावजूद लोग अपने परिजनों की जान बचाने के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं. सदर अस्पताल में भर्ती मरीजों को जहां अस्पताल के ब्लड बैंक से बिना शुल्क ब्लड एक्सचेंज की सुविधा मिलती है, वहीं मजबूरी में निजी ब्लड बैंक से ब्लड लेने पर उन्हें 850 रुपये चुकाने पड़ते हैं. दूसरी ओर, सदर अस्पताल के ब्लड बैंक से निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को 500 रुपये में ब्लड दिया जाता है.
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