ढाई हजार ताड़ के पेड़ों से होगा नीरा का कलेक्शन

सरकार राज्य में ताड़ के पेड़ों का सर्वेक्षण करायेगी. साथ ही इसके मालिकों का डाटाबेस भी तैयार होगा. यह तैयारी मुख्यमंत्री नीरा संवर्धन योजना की सफलता के लिए की जा रही है. इसी माह इस नईयीयोजना की शुरुआत की जायेगी.

विवेक कुमार सिंह, सीवान. सरकार राज्य में ताड़ के पेड़ों का सर्वेक्षण करायेगी. साथ ही इसके मालिकों का डाटाबेस भी तैयार होगा. यह तैयारी मुख्यमंत्री नीरा संवर्धन योजना की सफलता के लिए की जा रही है. इसी माह इस नईयीयोजना की शुरुआत की जायेगी. मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने पर्यवेक्षण के लिए मुख्यालय स्तर के वरीय पदाधिकारियों को जिलों की जिम्मेदारी दी है. जो जीविका और स्थानीय पदाधिकारियों से समन्वय बनाते हुए इलाके का भ्रमण करेंगे और योजना की प्रगति से उत्पाद आयुक्त को अपडेट करेंगे. इस योजना के तहत नीरा के संग्रहण, भंडारण, प्रसंस्करण और बिक्री की एक व्यवस्थित प्रणाली विकसित की जायेगी. जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे. इस योजना का क्रियान्वयन जीविका तथा मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है. ताड़ के पेड़ों से नीरा निकालने वाले टेपर्स को इस योजना के अंतर्गत विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे सुरक्षित और स्वच्छ तरीके से नीरा का संग्रहण कर सकें. प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें वैज्ञानिक तकनीकों से अवगत कराया जा रहा है, जिससे नीरा की गुणवत्ता और मात्रा में सुधार हो. काउंटरों के माध्यम से ताजा नीरा बिक्री की जायेगी योजना के अंतर्गत नीरा संग्रहण करने वाले टेपर्स को प्रति लीटर नीरा पर 11 रुपये का भुगतान किया जाएगा.इसमें से 8 रुपये टेपर्स को और 3 रुपये पेड़ मालिक को प्रोत्साहन राशि के रूप में प्रदान किये जायेंगे. यह पहल ताड़ के पेड़ों के संरक्षण को भी बढ़ावा देगी तथा पेड़ मालिकों को भी आय का अतिरिक्त स्रोत उपलब्ध करायेगी. बताया जाता है कि नीरा उत्पादन की दृष्टि से उपयुक्त क्षेत्र सीवान है. इस योजना के तहत विशेष रूप से चुना गया है. जिले के 19 प्रखंडों में 2500 ताड़ के पेड़ों से नीरा का संग्रहण किया जायेगा.इसके अतिरिक्त, 19 अस्थायी बिक्री काउंटर और 6 स्थायी बिक्री काउंटर स्थापित किए जाएंगे. जिससे स्थानीय नागरिकों को नीरा आसानी से उपलब्ध हो सके. इन बिक्री काउंटरों के माध्यम से ताजा नीरा बिक्री की जायेगी,. नीरा स्वास्थ्यवर्धक होने के साथ-साथ मधुमेह व अन्य रोगों के लिए लाभकारी माना जाता है. विभाग द्वारा नीरा के संग्रहण की व्यवस्था भी की जायेगी. योजना से संबंधित सभी हितधारकों के बैंक खाते का संधारण कराया जाएगा. जिलों के जिम्मेदार मुख्यालय के अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे आवंटित जिलों में नीरा संवर्धन योजना का सफल एवं सुगम क्रियान्वयन करायेंगे. क्षेत्र भ्रमण के दौरान नीरा संवर्धन योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार एवं लेखा संधारण की व्यवस्था भी मुख्यालय के अधिकारी करायेंगे. सभी मुख्यालय के संबंधित पदाधिकारी सप्ताह में कम-से-कम दो आवंटित जिलों का अनिवार्य रूप से भ्रमण करेंगे. नीरा संग्रह के लिए आइस बॉक्स व फ्रीजर इत्यादि आवश्यक उपकरण की होगी व्यवस्था आयुक्त उत्पाद रजनीश कुमार सिंह ने पत्र जारी कर कहा है कि पर्याप्त संख्या में नीरा उत्पादक समूह का गठन किया जाए तथा पर्याप्त संख्या में नीरा संग्रहण केंद्र एवं नीरा बिक्री केंद्र की स्थापना की जाए. नीरा संग्रह के लिए आइस बॉक्स व फ्रीजर इत्यादि आवश्यक उपकरण एवं नीरा के परिवहन की व्यवस्था की जाए. नीरा बिक्री केन्द्रों पर बिकने वाले नीरा की गुणवत्ता एवं शुद्धता को बनाए रखने हेतु हर सुविधा उपलब्ध करायी जाए. नीरा के गुणवत्ता को बनाये रखने एवं इसके दूरूपयोग को रोकने हेतु हर संभव सावधानी बरती जाये. . दीर्घावधि तक नीरा की गुणवत्ता व उपयोगिता सुनिश्चित करने तथा कृषि से संबंधित शोध एवं अनुसंधान कराया जाये. जीविका के डीपीएम ने बताया कि विभाग से मिले निर्देश के आलोक में आगे की कार्रवाई की जा रही है.

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By Deepak mishra

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