Siwan News: सीवान सदर अनुमंडल कार्यालय में मंगलवार को 'बिहार माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण अधिकरण' की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) आशुतोष गुप्ता की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बुजुर्ग माता-पिता द्वारा अपने पुत्रों एवं पुत्रवधुओं के खिलाफ दायर भरण-पोषण और मानसिक-शारीरिक प्रताड़ना के मामलों पर सुनवाई हुई. अधिकरण ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए तीन मामलों में स्थलीय जांच कराने का निर्णय लिया है.
नोटिस के बाद भी नहीं पहुंचे बेटे, फोन पर दी चेतावनी
बड़हरिया प्रखंड के बालापुर निवासी कन्हैया राम ने अपने पुत्रों मुकेश राम और दिनेश राम पर मारपीट व गाली-गलौज करने का आरोप लगाते हुए भरण-पोषण और सुरक्षा की गुहार लगाई. आधिकारिक नोटिस तामील होने के बाद भी दोनों पुत्र अधिकरण के समक्ष हाजिर नहीं हुए. इस पर अधिकरण सदस्य मनोज मिश्र ने मोबाइल पर ही दोनों को कड़ी फटकार लगाई और अगली सुनवाई में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश देते हुए कठोर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी.
तीन मामलों में दो सदस्यीय जांच टीम गठित
मामलों की सत्यता परखने के लिए अधिकरण सदस्य मनोज मिश्र एवं अनुराधा गुप्ता की दो सदस्यीय संयुक्त जांच टीम बनाई गई है, जो मौके पर जाकर रिपोर्ट तैयार करेगी:
- हुसैनगंज (सरेया गांव): मदन साह ने पुत्र रामरतन साह और बहू गुड़िया देवी पर प्रताड़ना का आरोप लगाया. बैठक में बहू गुड़िया देवी ने आरोपों को नकारा, जबकि दूसरी बहू पार्वती देवी ने ससुर के दावों को सही बताया. विरोधाभासी बयानों के चलते टीम गांव जाकर जांच करेगी.
- रफीपुर: सरस्वती देवी ने आरोप लगाया कि पूर्व आदेश के तहत पुत्र रामशंकर यादव खाते में प्रति माह ₹5,000 डालता जरूर है, लेकिन बैंककर्मियों की मिलीभगत से खुद ही निकाल लेता है. टीम बैंक रिकॉर्ड और ट्रांजैक्शन की पड़ताल करेगी.
- हसनपुरा (लहेजी गांव): गोपाल जी कुशवाहा द्वारा दर्ज कराए गए भरण-पोषण विवाद में भी यही दो सदस्यीय टीम गांव पहुंचकर भौतिक सत्यापन करेगी.
अनुपस्थिति के कारण दो मामलों की सुनवाई टली
बैठक में मैरवा के मिसकरही निवासी कृष्णावती देवी और महादेवा की शकुंतला देवी के नियत समय पर अधिकरण में न पहुंचने के कारण उनके मामलों की सुनवाई नहीं हो सकी, जिन्हें अगली तारीख के लिए सूचीबद्ध किया गया है.
अधिकरण ने दोहराया कि माता-पिता की अनदेखी और प्रताड़ना बर्दाश्त नहीं की जाएगी. बैठक में अधिकरण सदस्य मनोज मिश्र, अनुराधा गुप्ता, डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव, अरुण कुमार, रविंद्र कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता पिंटू सिवानी सहित कई पीड़ित बुजुर्ग उपस्थित रहे.
