नगर निकायों की टेंडर प्रक्रिया पर सरकार सख्त

नगर विकास एवं आवास विभाग ने नगर निकायों में जेम पोर्टल के माध्यम से किए गए टेंडर और बीड से संबंधित मामलों की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है. विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह टीम विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं में हुए बड़े क्रयादेशों के आधार पर नगर निकायों का चयन कर जांच करेगी. इसी क्रम में सारण प्रमंडल क्षेत्र के महत्वपूर्ण शहरी निकाय नगर परिषद सीवान सहित अन्य नगर निकाय से जुड़े कार्य भी जांच के दायरे में आ सकते हैं.

प्रतिनिधि,सीवान. नगर विकास एवं आवास विभाग ने नगर निकायों में जेम पोर्टल के माध्यम से किए गए टेंडर और बीड से संबंधित मामलों की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है. विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह टीम विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं में हुए बड़े क्रयादेशों के आधार पर नगर निकायों का चयन कर जांच करेगी. इसी क्रम में सारण प्रमंडल क्षेत्र के महत्वपूर्ण शहरी निकाय नगर परिषद सीवान सहित अन्य नगर निकाय से जुड़े कार्य भी जांच के दायरे में आ सकते हैं. विभागीय आदेश के मुताबिक, नगर विकास एवं आवास विभाग के अधीन चल रही योजनाओं और परियोजनाओं के लिए जेम पोर्टल पर हुए टेंडर और बीड से संबंधित शिकायतों, अनियमितताओं तथा पिछले वर्षों में जारी किए गए टेंडरों की समीक्षा की जाएगी. इसके लिए गठित संयुक्त टीम नगर निकायों का रैंडम चयन कर विभिन्न कार्यों की प्रक्रिया, पारदर्शिता और नियमों के अनुपालन की जांच करेगा. जांच टीम में वरिष्ठ प्रशासनिक और तकनीकी अधिकारियों को शामिल किया गया है. समिति में अनिमेष कुमार पराशर ( प्रबंध निदेशक, बुडको:, विजय प्रकाश मीणा(अपर सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग) विनोद कुमार (अभियंता प्रमुख-सह-विशेष सचिव )तथा कमरे आलम, अभियंता प्रमुख को सदस्य बनाया गया है. यह समिति राज्य के विभिन्न नगर निकायों में जेम पोर्टल के माध्यम से हुए क्रय और टेंडर की प्रक्रिया की पड़ताल करेगी. कई टेंडर जेम पोर्टल के माध्यम से जारी किए गए हैं- विभागीय आदेश के अनुसार जांच दल बड़े क्रयादेशों के आधार पर नगर निकायों का चयन करेगा. पिछले कुछ वर्षों में नगर परिषद द्वारा शहरी विकास, सड़क, नाला निर्माण, स्वच्छता व्यवस्था और उपकरणों की खरीद से जुड़े कई टेंडर जेम पोर्टल के माध्यम से जारी किए गए हैं. ऐसे में इन कार्यों की पारदर्शिता और प्रक्रिया की समीक्षा की जा सकती है. जांच दल को आदेश दिया गया है कि वह चयनित नगर निकायों में टेंडर और क्रय से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंपे. समिति को तकनीकी और डिजिटल स्तर पर सहयोग देने के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग के आइटी प्रबंधक पंकज कुमार को भी जिम्मेदारी दी गई है. पांच नगर निकायों में लगे वाटर एटीएम की हो सकती है जांच जिले के विभिन्न नगर निकायों में लगाए गए वाटर एटीएम अब जांच के दायरे में आ सकते हैं.कई जगहों पर वाटर एटीएम की खरीद और स्थापना में अनियमितता की शिकायतें सामने आने के बाद प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है. सूत्रों के अनुसार शिकायतों के आधार पर नगर विकास एवं आवास विभाग की चार सदस्यीय टीम सभी नगर निकायों में लगाए गए वाटर एटीएम की जांच कर सकती है.हाल ही में नगर पंचायत आंदर में वाटर एटीएम लगाने के दौरान गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्यपालक पदाधिकारी को जांच करने के बाद आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया था. वाटर एटीएम लगाने पर भी रोक लगा दी गई थी.इसके बाद से अन्य नगर निकायों में भी लगाए गए वाटर एटीएम की प्रक्रिया और गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं. गोपालपुर और हसनपुरा नगर पंचायत क्षेत्रों में भी वाटर एटीएम लगाए गए हैं.जानकारी के अनुसार इन सभी नगर निकायों में उपकरणों की खरीदारी जेम पोर्टल के माध्यम से की गई थी.सूत्रों का कहना है कि नगर परिषद सीवान में भी जेम पोर्टल के जरिए कई उपकरणों की खरीदारी की गई है और कुछ खरीद प्रक्रियाएं अभी भी जारी हैं. ऐसे में यदि जांच का दायरा बढ़ता है तो नगर परिषद समेत अन्य निकायों में की गई खरीदारी भी जांच के घेरे में आ सकती है.

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By DEEPAK MISHRA

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