diseases caused by contaminated water: बड़हरिया प्रखंड के मध्य विद्यालय, महमूदपुर में प्रधानाध्यापक ओमप्रकाश मांझी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में विद्यार्थियों को दूषित पेयजल से होने वाली बीमारियों, उनके कारणों और बचाव के उपायों की जानकारी दी गई. इस दौरान मॉकड्रिल के माध्यम से विद्यार्थियों को सुरक्षित पेयजल के उपयोग और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया.
दूषित पानी से हो सकती हैं कई गंभीर बीमारियां
फोकल टीचर अशोक कुमार ने बताया कि दूषित पानी के सेवन से डायरिया, हैजा, टाइफाइड, पीलिया सहित कई संक्रामक बीमारियां हो सकती हैं. जलस्रोतों के आसपास गंदगी, खुले में शौच, नालियों का पानी पेयजल स्रोत में मिलना और पानी को बिना शुद्ध किए पीना इसके प्रमुख कारण हैं.
उन्होंने विद्यार्थियों को पानी उबालकर या उचित तरीके से शुद्ध करने के बाद पीने की सलाह दी. साथ ही पेयजल को हमेशा ढककर रखने और पानी के लिए साफ बर्तन का इस्तेमाल करने के बारे में भी बताया गया.
मॉकड्रिल के जरिए बच्चों ने सीखे बचाव के तरीके
मॉकड्रिल के दौरान विद्यार्थियों को दूषित पानी की पहचान, सुरक्षित पानी के उपयोग और जलजनित बीमारियों से बचाव के व्यावहारिक उपायों का अभ्यास कराया गया. बच्चों को बताया गया कि पानी की स्वच्छता के साथ व्यक्तिगत स्वच्छता भी बेहद जरूरी है.
विद्यार्थियों को भोजन करने से पहले और शौचालय के इस्तेमाल के बाद साबुन से हाथ धोने के लिए प्रेरित किया गया. इसके अलावा घर और विद्यालय के आसपास साफ-सफाई रखने तथा जलस्रोतों को गंदगी से बचाने की जानकारी भी दी गई.
स्वच्छ पेयजल स्वस्थ जीवन के लिए जरूरी
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने कहा कि स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल स्वस्थ जीवन के लिए बेहद जरूरी है. दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए लोगों को जागरूक रहना चाहिए और पानी को शुद्ध करने के बाद ही उसका सेवन करना चाहिए.
इस मौके पर शिक्षक बृझन मांझी, हरिवंश राय, सुभाष चौहान, अशोक कुमार, नम्रता राय, सुनीता कुमारी सहित सभी शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे.
