Assistant Professor Jyoti Kumari : सीवान के महाराजगंज प्रखंड के टेघड़ा पंचायत स्थित बंगरा गांव की बेटी ज्योति कुमारी ने अपनी मेहनत और संघर्ष से परिवार के साथ पूरे गांव का नाम रोशन किया है. बचपन में ही पिता का साया सिर से उठ गया, लेकिन बड़े भाई ने जिम्मेदारी संभाली और पढ़ाई जारी रखने में हरसंभव सहयोग दिया. ज्योति ने पहले ही प्रयास में NET क्वालीफाई किया और अब पूर्णिया जिले के कोचाधामन स्थित राजकीय डिग्री महाविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर नियुक्त हुई हैं.
पिता के निधन के बाद भाई ने संभाली जिम्मेदारी
ज्योति कुमारी के पिता सत्य प्रकाश उपाध्याय का करीब 15 वर्ष पहले निधन हो गया था. उस समय परिवार के सामने बच्चों की पढ़ाई और भविष्य को लेकर बड़ी चुनौती थी. पिता के निधन के बाद ज्योति के बड़े भाई ने परिवार की जिम्मेदारी संभाली और भाई-बहनों की पढ़ाई जारी रखने के लिए हरसंभव सहयोग किया.
पहली कोशिश में NET किया क्वालीफाई
ज्योति शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं. उन्होंने सिहौता बंगरा हाई स्कूल से मैट्रिक, आरबीजीआर कॉलेज से इंटर और गोरख सिंह कॉलेज कैंपस में संचालित मौलाना मजहरूल हक अरबी फारसी विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने इग्नू से इतिहास विषय में एमए किया और डिस्टिंक्शन मार्क्स हासिल किए. ज्योति ने पहली ही कोशिश में NET क्वालीफाई कर अपनी प्रतिभा साबित की.
पूर्णिया के राजकीय डिग्री कॉलेज में मिली नियुक्ति
NET क्वालीफाई करने के बाद ज्योति कुमारी का चयन पूर्णिया जिले के कोचाधामन स्थित राजकीय डिग्री महाविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुआ है. नियुक्ति के बाद जब ज्योति गांव लौटीं तो ग्रामीणों ने उनका भव्य स्वागत किया. उनकी उपलब्धि से पूरे बंगरा गांव में खुशी का माहौल है.
चार भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं ज्योति
परिजनों के अनुसार ज्योति चार भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं. उनके बड़े भाई अभिनाश उपाध्याय मारुति कंपनी में नौकरी करते हैं, जबकि राजतिलक उपाध्याय पटना में रहकर NET की तैयारी कर रहे हैं. बड़ी बहन विभा की शादी हो चुकी है. पिता के निधन के बाद बड़े भाई ने भाई-बहनों की पढ़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
गांव के युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा
ज्योति की सफलता को ग्रामीण बंगरा गांव के लिए बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद ज्योति ने अपनी मेहनत से मुकाम हासिल किया है. उनकी सफलता गांव के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है.
बधाई देने वालों का लगा तांता
ज्योति कुमारी की सफलता पर उनके घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है. सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, विधायक हेम नारायण साह, ई सुगेंद्र कुमार सिंह, प्रोफेसर अभय कुमार सिंह, शिक्षक प्रकाश सिंह, राजकुमार उपाध्याय उर्फ बटर बाबा, शिक्षक टूब्लू सिंह, आजाद कुमार सिंह, सरपंच नागेंद्र किशोर सिंह समेत सैकड़ों लोगों ने उन्हें बधाई दी है.
