प्रतिनिधि, पचरुखी. थाना क्षेत्र अंतर्गत भवानी मोड़–बड़रम रोड स्थित मकानों में शुक्रवार की सुबह विशेष छापेमारी अभियान में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 30 से अधिक नाबालिग लड़कियों को बरामद किया. यह अभियान महिला थाना की थानाध्यक्ष सोनी कुमारी के नेतृत्व में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट एवं राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के निर्देश पर चलाया गया. इस दौरान रेस्क्यू फाउंडेशन, दिल्ली की टीम भी मौजूद रही. पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर सुबह करीब 5:45 बजे छापेमारी की गई. एक ही परिसर के कई कमरों में अलग-अलग ऑर्केष्ट्रा ग्रुप संचालित हो रहे थे, जहां नाबालिग बालिकाओं को अमानवीय परिस्थितियों में रखा गया था. पूछताछ में बालिकाओं ने बताया कि उन्हें पैसे का लालच देकर विभिन्न राज्यों से लाया गया और रात में पार्टी व फंक्शन में अश्लील नृत्य करने के लिए मजबूर किया जाता था. कार्यक्रमों के दौरान उन्हें अभद्र व्यवहार और मानसिक उत्पीड़न भी सहना पड़ता था.छापेमारी के दौरान पुलिस ने गुड़िया, रिया, पूजा, वेलकम, पायल, सेलिना और धमाका नामक ऑर्केष्ट्रा समूहों से जुड़ी कई रसीदें और दस्तावेज जब्त किए. मौके मधुबनी के दो युवक अनिल कुमार और विशेष पांडेय व गुड़िया देवी को गिरफ्तार किया गया, जिन्होंने प्रारंभिक पूछताछ में आर्केस्ट्रा संचालन से जुड़े होने की बात स्वीकार की. पुलिस के पहुंचते ही कई ऑर्केष्ट्रा संचालक और मकान मालिक फरार हो गए, जिनकी पहचान कर गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. बताया गया कि उक्त मकानों में विभिन्न बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम और नेपाल की नाबालिग लड़कियों को रखा गया था.बरामद सभी बालिकाओं को महिला पुलिस की सुरक्षा में रखा गया है और उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया जारी है. इस संबंध में पचरुखी थाना में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने बताया कि मानव तस्करी और नाबालिगों के शोषण के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.
मुक्त करायी गयी 30 नाबालिग लड़कियां
थाना क्षेत्र अंतर्गत भवानी मोड़–बड़रम रोड स्थित मकानों में शुक्रवार की सुबह विशेष छापेमारी अभियान में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 30 से अधिक नाबालिग लड़कियों को बरामद किया. यह अभियान महिला थाना की थानाध्यक्ष सोनी कुमारी के नेतृत्व में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट एवं राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के निर्देश पर चलाया गया. इस दौरान रेस्क्यू फाउंडेशन, दिल्ली की टीम भी मौजूद रही
