सीवान : उत्तर बिहार में दो दिनों से कोहरा और बादल की स्थिति में कमी आयी है, लेकिन कोल्ड फ्रंट के असर से गलन बरकरार है. सोमवार को भी सुबह घना कोहरा रहा. कोहरा घना होता गया व ठंडी हवा चलने लगीं.
जगह-जगह सड़क किनारे लोग अलाव ताप रहे थे तो कोई दुकान पर ठंड से राहत के लिए चाय की चुस्की ले रहा था. ठंड बढ़ने से काफी लोग रजाई में दुबके रहे. दिन चढ़ने के साथ ही साफ तो हुआ लेकिन खुलकर धूप नहीं निकलने से असर नहीं दिखा.
उधर मौसम विज्ञानी डॉ एसएन पांडेय ने बताया कि कश्मीर के पहाड़ों पर बादलों का एक घेरा तैयार हो चुका है. इसका असर आगे बढ़ने पर हालांकि कमजोर हो जायेगा मगर उत्तर बिहार तक 24 से 48 घंटों में बादलों का असर आ भी सकता है. इसके बाद उत्तर बिहार में ठंड दोबारा दस्तक दे सकती है.
सामान्य से नीचे आया रात का पारा : मौसम विज्ञानी प्रो एसएन पांडेय ने बताया कि कोल्ड फ्रंट आने के बाद मौसम ने पलटी मारी है. यह स्थिति 21 व 22 जनवरी तक रहेगी. इसमें ठंड व गलन और बढ़ेगी.
बीते चौबीस घंटों में 16.5 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान, जबकि रात का पारा सामान्य से 1.1 डिग्री सेल्सियस गिरकर 8.9 डिग्री दर्ज किया गया. इस दौरान 91 प्रतिशत अधिकतम आर्द्रता और 77 फीसदी न्यूनतम आर्द्रता दर्ज की गई. पछुआ हवा 16.8 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली.
बर्फीली हवा से बच्चों पर आफत
सीवान. सोमवार को कड़ाके की ठंड व बर्फीली हवा से स्कूली बच्चों पर आफत रही है. यूं तो बर्फीली हवा ने सब पर कहर बरपाया, लेकिन सबसे खराब हालत जिले के प्रारंभिक विद्यालयों में पढ़ने वाले छोटे-छोटे बच्चों की रही, जिन्हें फर्श पर बैठ कर पढ़ना होता है.
फर्श पर बैठे बच्चे जब ठंड से कांपते दिखे, तो शिक्षक भी उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हो उठे. कई स्कूलों में एचएम व शिक्षकों ने अलाव जला कर बच्चों को उसके पास बैठाया. सोमवार को ठंड से स्कूलों में पठन-पाठन भी प्रभावित हुआ.
