बसंतपुर : बसंतपुर थाने के उसरी गांव के लाल व आर्मी में तैनात जवान की मौत इलाज के दौरान मंगलवार की रात यूपी के लखनऊ स्थित कमांड हॉस्पिटल में हो गयी. जवान की मौत के बाद कागजी कार्रवाई पूरी कर आर्मी की एक टीम बुधवार की रात लगभग 12 बजे जवान के शव को लेकर पैतृक गांव उसरी पहुंची. वहां परिजनों के चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया.
मृत जवान बसंतपुर थाना क्षेत्र के उसरी के चंद्रमा ठाकुर का पुत्र हृदया ठाकुर बताया जाता है, जो 57 माउंटेन आर्टिलरी ब्रिगेड के सिग्नल कोर में अगरतल्ला में मूल रूप से तैनात थे. परिजनों के अनुसार लगभग एक वर्ष पहले मृत जवान को भारत-चीन सीमा पर युद्धाभ्यास में चोट लग गयी.
बाद में हुई जांच में कैंसर होने की पुष्टि पर सेना के अधिकारियों ने जवान हृदया ठाकुर को बेहतर इलाज के लिए यूपी के लखनऊ स्थित कमांड हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया. वहां लगभग 5-6 माह से उनका इलाज चल रहा था. मंगलवार की रात इलाज के दौरान जवान ने अंतिम सांस ली. उसके बाद कागजी कार्रवाई पूरी कर जवान के पार्थिव शरीर को बुधवार की देर रात उनके पैतृक गांव उसरी आर्मी की एक टीम लेकर पहुंची.
मुखाग्नि के पूर्व जवान को दी गयी अंतिम सलामी : आर्मी के जवान हृदया ठाकुर की मौत के बाद लखनऊ से शव लेकर दानापुर कैंट के सूबेदार अमित सांगा के नेतृत्व में पहुंचे अन्य जवानों ने गुरुवार की सुबह तिरंगे में लिपटे अपने साथी जवान को अंतिम सलामी दी. मृतक आर्मी के जवान हृदया ठाकुर की सेना में भर्ती 1995 में हुई थी. मृत जवान के बड़े पुत्र अजीत कुमार ने गुरुवार की सुबह पिता को मुखाग्नि दी.
परिजनों के चीत्कार से माहौल हुआ गमगीन
आर्मी जवान की मौत के बाद शव पैतृक गांव उसरी पहुंचते ही कोहराम मच गया. मृतक की पत्नी मीरा देवी पति के शव को देख बेसुध हो गयी. मृतक के पुत्र अजीत कुमार, रंजीत कुमार व सुजीत कुमार पिता के शव से लिपट कर विलाप करने लगे.
इससे वहां मौजूद लोग भी अपने आंसू रोक नहीं पा रहे थे. वहीं मृतक के पिता चंद्रमा ठाकुर अपने बेटे के शव को देख बदहवास हो गये. मौके पर पहुंचे स्थानीय विधायक सत्यदेव प्रसाद सिंह, संजीव सिंह, सुदामा सिंह, त्रिभुवन राम, मो. हसनैन आदि ने बिलखते परिजनों को सांत्वना दी.
