सीवान : शहर के महादेवा ओपी थाने के समीप 20 फरवरी की दोपहर उधार की दवा नहीं देने पर बाइक पर सवार युवकों ने दवा दुकान पर अंधाधुंध फायरिंग कर शहर में दहशत फैला दी थी. इस घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी. सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से पुलिस ने दोनों की पहचान एक गांव निवासी मामा-भांजा के रूप में की है.
इस दौरान पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बाइक व पहने गये कपड़ों को जब्त करते हुए एक आरोपित के पिता को उठा लिया. पुलिस उससे पूछताछ पूरी करने के बाद गिरफ्तारी में जुट गयी. दोनों आरोपितों के दिल्ली में होने की सूचना के बाद पुलिस गिरफ्तारी में जुटी हुई है.
मालूम हो कि महादेवा मुहल्ला निवासी किरण मेडिकल हॉल के नीतीश कुमार सिंह 20 फरवरी की सुबह दुकान पर थे. दुकान खुलने के समय दो लड़के पल्सर बाइक से आये और उधार दवा देने की मांग की थी.
इस पर नीतीश कुमार के पिता राकेश कुमार सिंह ने उधार दवा देने से इन्कार कर दिया. इसके बाद दोनों लड़कों ने दुकान का फोटो मोबाइल से खींचा. यह देख नीतीश के पिता ने उनकी बाइक का नंबर नोट कर लिया था. इसके बाद अपने कार्य में लग गये थे.
इसी बीच पुन: दोनों लड़के दोपहर करीब बारह बजे उसी बाइक से आये और उधार देवा देने को कहा. इन्कार करने के बाद एक ने कमर से पिस्तौल निकाली और अंधाधुंध फायरिंग कर बाइक पर सवार होकर फरार हो गये थे.
घटना के बाद आसपास के मुहल्लों में दहशत फल गयी. सूचना पर एएसपी कांतेश मिश्र ने दुकानदार नीतीश कुमार से घटना के विषय में जानकारी ली और अपराधियों का हुलिया पूछा. इसके बाद सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से दोनों की पहचान में जुट गयी.
इसी बीच पुलिस को दोनों की पहचान करने में कामयाबी मिल गयी. थानाध्यक्ष पंकज ठाकुर ने पहचान होने के बाद दोनों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की. छापेमारी के दौरान वे दोनों फरार मिले.
परंतु पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बाइक व उनके कपड़े बरामद कर जब्त कर लिये. साथ ही आरोपित के पिता को उठा लिया. थानाध्यक्ष पंकज ठाकुर ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से पहचान होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है.
अभी दोनों का नाम गुप्त रखा जा रहा है, ताकि उनकी गिरफ्तारी आसानी हो सके. आरोपित के पिता ने पूछताछ के दौरान बताया कि दोनों युवक आपस में मामा-भांजा हैं, जो अभी दिल्ली में रह रहे हैं, पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपितों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जायेगा.
