आदेश के पांचवें दिन भी डॉक्टरों ने नहीं शुरू किया आदेश का अनुपालन
सीवान : प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर सदर अस्पताल के ओपीडी एवं आईपीडी रजिस्टर में डॉक्टरों को अब हर हाल में मरीजों का नाम एवं प्रोविजनल डायग्नोसिस लिखना अनिवार्य है. सीएस के इस आदेश के करीब पांच दिनों बाद भी कम से कम सदर अस्पताल में अभी तक इसका अनुपालन शुरू नहीं किया गया. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आदेश का क्या होगा? इसका सहज अंदाज लगाया जा सकता है. सिविल सर्जन डॉ शिवचंद्र झा ने जिले के सभी सरकारी अस्पतालों को निर्देश देते हुए कहा है कि जांच के दौरान अगर ऐसा नहीं पाया गया तो उस दिन का संबंधित डॉक्टर का वेतन अवरुद्ध कर दिया जायेगा. सिविल सर्जन ने अपने आदेश में कहा है कि प्रधान स्वास्थ्य सचिव जब आईडीएसपी कार्यक्रम की समीक्षा कर रहे थे तो पाया था कि डॉक्टरों द्वारा ओपीडी एपं आईपीडी रजिस्टर में अनिवार्य रूप से मरीजों का नाम एवं प्रोविजनल डायग्नोसिस नहीं लिखा जाता है. इसके पूर्व भी सीआरएम टीम ने इस मामले को नोटिस में लिया था.
इसके बावजूद ओपीडी एवं आईपीडी रजिस्टर में सरकारी डॉक्टरों द्वारा मरीजों का नाम एवं प्रोविजनल डायग्नोसिस लिखना नहीं शुरू हुआ. सिविल सर्जन ने अपने पत्र में लिखा है कि बार-बार कहने के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर सदर अस्पताल तक किसी भी डॉक्टर ने अनिवार्य रूप से ओपीडी एवं आईपीडी रजिस्टर में मरीजों का नाम एवं प्रोविजनल डायग्नोसिस नहीं लिखा. ऐसा नहीं होने से विभिन्न बीमारियों के सही आंकड़ों की वास्तविक जानकारी नहीं हो पा रही है. कौन-सी बीमारी से ग्रसित मरीजों की संख्या की बढ़ोत्तरी हो रही है. इसकी भी जानकारी विभाग को नहीं हो पा रही है. सीएस ने डॉक्टरों को आगाह करते हुए कहा है कि इसकी निगरानी स्वास्थ्य विभाग के सचिव स्तर से हो रही है. इसलिए इस कार्य में किसी प्रकार की कोताही नहीं करें.
