सीवान : मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सियाड़ीगढ़ गांव निवासी त्रिभुवन शाही ने चार लोगों के खिलाफ हथियार का भय दिखा कर बाइक की डिक्की से चार लाख रुपये लूट लेने का परिवाद दायर किया है. वहीं, दूसरी ओर मामले को रफा-दफा करने के लिए थानाध्यक्ष विनय प्रताप सिंह के खिलाफ भी परिवाद दायर किया है. दायर परिवाद में पीड़ित श्री शाही ने कहा है कि मैं अपने ईट-भट्ठे से 4 लाख रुपये बाइक की डिक्की में रख कर अपनी पत्नी के साथ डॉक्टर के यहां जा रहा था कि रास्ते में पुल पर शराब पी रहे दो लोगों ने इशारा कर रोकवाया. रुकने के बाद कट्टे का भय दिखा कर गांव के ही रामाकांत शाही व संदीप कुमार शाही ने बाइक की डिक्की से चार लाख रुपये लूट लिये. परिवाद में शाही ने कहा है कि घटना की प्राथमिकी दर्ज कराने जब मैं मुफस्सिल थाने गया, तो थानाध्यक्ष विनय प्रताप सिंह ने विपक्षियों को बुलवाया.
इसके बाद दोनों पक्ष के लोगों को थाने में 30 घंटे तक बैठा दिया. बाद में थानाध्यक्ष ने सादे कागज पर दस्तख्त करा कर सभी को छोड़ दिया. मेरे लूट का मुकदमा थाने में दर्ज नहीं किया. ऐसी आशंका है कि थानाध्यक्ष ने मामले को विपक्षियों के साथ मिलकर रफादफा कर दिया है. आरोपितों में एक सहायक अवर निरीक्षक लाल बहादुर यादव भी शामिल हैं. इस संबंध में मुफस्सिल थानाध्यक्ष विनय प्रताप सिंह ने कहा कि उन पर लगा आरोप बेबुनियाद है.
