पांच डॉक्टरों के जिम्मे है इलाज की व्यवस्था

महाराजगंज : स्थानीय पीएचसी दो मंजिला भवन में छह कमरे है. भवन में एक डॉक्टर कक्ष, एक डॉक्टर का शयन कक्ष, दवा वितरण कक्ष, मरीज का जेनरल वार्ड, प्रसव कक्ष, सर्जरी कक्ष है. इस अस्पताल के अतिरिक्त कैंपस में स्वास्थ्य विभाग के अन्य कार्य के लिए भवन उपलब्ध है. उस भवन के कक्षों का उपयोग […]

महाराजगंज : स्थानीय पीएचसी दो मंजिला भवन में छह कमरे है. भवन में एक डॉक्टर कक्ष, एक डॉक्टर का शयन कक्ष, दवा वितरण कक्ष, मरीज का जेनरल वार्ड, प्रसव कक्ष, सर्जरी कक्ष है. इस अस्पताल के अतिरिक्त कैंपस में स्वास्थ्य विभाग के अन्य कार्य के लिए भवन उपलब्ध है. उस भवन के कक्षों का उपयोग लिपिकीय कार्य में प्रयोग किया जाता है.

पीएचसी में सामान्य वार्डों में छह बेड आवंटित है. सात डॉक्टरों के पद सृजित हैं. यहां अनुबंधित चिकित्सक सहित पांच चिकित्सक तैनात हैं. नियमित चिकित्सक तीन व आयुष चिकित्सक दो हैं. दो दशक से महिला डॉक्टर नहीं है. ड्रेसर की तैनाती नहीं है. पीएचसी में अल्ट्रासाउंड व एक्सरे की सुविधा नहीं है. यहां आनेवाले मरीजों को प्रावइेट क्लिनिकों का सहारा लेना पड़ता है.

पीएचसी में डॉक्टर अाला, ब्लड प्रेशर मशीन से जांच नहीं करते हैं. केवल रोग पूछ कर दवा लिखते हैं. मैं शुगर, ब्लड प्रेशर का मरीज हूं, मुझे निजी क्लिनिक में जांच कराना पड़ता है.
शिव कुमार साह, पुरानी बाजार
मैं आंख के दर्द से परेशान हूं , पीएचसी आया था, डॉक्टर मिले, लेकिन उन्होंने बाहर से दवा खरीदने व आंख विशेषज्ञ से जांच कराने की सलाह दी. पीएचसी में आंख का कोई डॉक्टर नहीं है.
फोटो-इंतखाब आलम, खानपुरा
क्या कहते हैं अधिकारी
अस्पताल में पद के हिसाब से एक डॉक्टर कम है. महिला डॉक्टर की आवश्यकता है. संसाधन का अभाव है. जितना उपलब्ध है, उतना में ही काम चलाया जाता है. संसाधन की कमी को देखते हुए शहर के अनुमंडल अस्पताल में मरीज को भेजा जाता है. मरीजों की सुविधा का ख्याल रखा जाता है.
एसएस कुमार, चिकित्सा पदाधिकारी, महाराजगंज

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